ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

नरहीं में विनोद राय की 10वीं पुण्यतिथि पर जुटा जनसैलाब, पर सवालों के 'चक्रव्यूह' में घिरे उपेंद्र तिवारी!

by on | 2026-08-12 19:11:38

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3133


नरहीं में विनोद राय की 10वीं पुण्यतिथि पर जुटा जनसैलाब, पर सवालों के 'चक्रव्यूह' में घिरे उपेंद्र तिवारी!

बेबाक 24 - विशेष रिपोर्ट

नरहीं (बलिया): नरहीं थाना गोलीकांड में जान गंवाने वाले भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की 10वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को रतसर से निकली तिरंगा यात्रा से लेकर स्थानीय खेल मैदान तक भाजपाइयों का जमावड़ा तो खूब दिखा, लेकिन मंच से बहे बयानों के रस और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास की तस्वीरें साफ नजर आईं। पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़े-बड़े धुरंधर जुटे, भाषण हुए, कसमें खाई गईं, लेकिन 10 साल बाद भी इंसाफ न मिलने का टीस भरा सवाल हवा में तैरता रहा।


मंच से गरजे दिग्गज: मोदी-योगी के काम गिनाए, विनोद राय को बताया पूजनीय

कार्यक्रम में पहुंचे बलिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने विनोद राय की शहादत को मिसाल बताते हुए कहा कि पार्टी और नेता के लिए प्राण न्योछावर करने वाला कार्यकर्ता पूजनीय होता है। वहीं, मध्यप्रदेश के पार्टी प्रभारी और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का राग अलापा, तो भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने योगी सरकार के 'माफियाओं को मिट्टी में मिलाने' वाले मॉडल का जमकर ढिंढोरा पीटा। इसी बीच जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विनोद शंकर दुबे ने विनोद राय की बेटी को नौकरी देने की घोषणा कर सहानुभूति बटोरने की कोशिश जरूर की।


लेकिन 'इंसाफ' के सवाल पर घिरे उपेंद्र तिवारी, दी अजीबोगरीब दलील

राजनीतिक आतिशबाजी के बीच असली घमासान तब देखने को मिला जब पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी मंच पर आए। सपा से भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री नारद राय पर "बाप-बेटे अत्याचारी हैं" कहकर बरसने वाले उपेंद्र तिवारी 10 साल में विनोद राय को न्याय न दिला पाने के मुद्दे पर खुद घिरते नजर आए।

​जब सवाल उठा कि 10 साल बाद भी चार्जशीट और न्याय का क्या हुआ, तो उपेंद्र तिवारी ने अजीबोगरीब दलील दे डाली— "न्याय पुलिस की चार्जशीट से नहीं, कोर्ट से मिलता है... विवेचना अभी चल रही है।" अब सवाल यह उठता है कि आखिर 10 साल से कैसी विवेचना चल रही है? सच क्या है? क्रॉस केस खत्म होने का इंतजार कब तक होगा?

गवाहों का खेल और 'अपनों' पर ही उठते सवाल

मामला तब और उलझ गया जब गवाह राजेश सिंह ने मीडिया के सामने आकर सनसनीखेज दावा कर दिया। उन्होंने कहा— "किसने गवाही डाली, मुझे नहीं पता। उपेंद्र तिवारी का एक खास आदमी ले जाकर हस्ताक्षर करा लिया।" FR (फाइनल रिपोर्ट) लग चुकी है, मृतक के भतीजे गोपाल राय ने तहरीर दी थी, लेकिन नरहीं का कोई स्थानीय व्यक्ति गवाह क्यों नहीं है? सारे गवाह 'बाहरी' क्यों हैं?

​भाजपा की इस भारी-भरकम सभा में जुटी भीड़ को जब पूर्व मंत्री की यह दलीलें रास नहीं आईं, तो कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही पंडाल खाली होना शुरू हो गया। मीडिया में यह मुद्दा दिनभर चर्चा का विषय बना रहा कि आखिर विनोद राय को न्याय कब मिलेगा या यह सिर्फ हर साल मनाए जाने वाले सियासी सियापे तक सीमित रहेगा।

सियासी मंच पर अनूठी तस्वीर: भाजपा की सभा में बसपा विधायक को श्रद्धांजलि

नरहीं: राजनीतिक कड़वाहट और बयानबाजी के बीच कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प तस्वीर भी देखने को मिली। दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के आग्रह पर मंच समेत पूरे पंडाल ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें नम आंखों से याद किया।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment