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यूपी कॉलेज हत्याकांड - 'मंजीत माफिया' का खूनी खेल, शिक्षा का मंदिर बना अखाड़ा

by on | 2026-03-21 01:31:25

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यूपी कॉलेज हत्याकांड - 'मंजीत माफिया' का खूनी खेल, शिक्षा का मंदिर बना अखाड़ा

​वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी कल गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। जिस उदय प्रताप कॉलेज (UP College) की पहचान मेधावी छात्रों और अनुशासन से होती थी, वहां कल सरेआम एक छात्र की 'निर्मम हत्या' कर दी गई। यह वारदात महज़ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा है।
​वारदात: गलियारे में बिछा दी लाश
​शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे, जब छात्र क्लास जाने की तैयारी में थे, तभी सामाजिक विज्ञान संकाय के गलियारे में गोलियां चलने लगीं। मंजीत चौहान नामक छात्र ने अपने ही साथी सूर्य प्रताप सिंह (B.Sc छात्र, निवासी गाजीपुर) के सिर और सीने में ताबड़तोड़ गोलियां उतार दीं। वारदात प्रिंसिपल कार्यालय के ठीक सामने हुई, जो कॉलेज प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
​'मंजीत माफिया' की सनक
​इस हत्याकांड के पीछे एक खोखली 'माफियागिरी' की कहानी सामने आई है। आरोपी मंजीत चौहान सोशल मीडिया पर खुद को 'मंजीत माफिया' के तौर पर प्रोजेक्ट करता था। हत्या से ठीक पहले उसने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई थी, जिसमें खुद को माफिया बताया था। रील्स और फॉलोअर्स की इस आभासी दुनिया की सनक ने एक होनहार छात्र की जान ले ली।
​पुलिसिया कार्रवाई: मुख्य आरोपी शिकंजे में
​घटना के बाद फरार हुए मुख्य आरोपी और उसके साथियों की तलाश में पुलिस ने जाल बिछाया। DCP वरुणा जोन, प्रमोद कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
​नामजद FIR: पुलिस ने मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
​हथियार बरामद: आरोपी ने भागते समय पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंक दी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
​सीसीटीवी और गवाह: प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अनुज ठाकुर की मौजूदगी की भी पुष्टि हुई है।
​बेबाक सवाल: कैंपस में हथियार कैसे?
​ बेबाक 24 सीधे तौर पर कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था से कुछ तीखे सवाल पूछता है:
​एक छात्र असलहा लेकर कैंपस के अंदर और फिर संकाय के गलियारे तक कैसे पहुंच गया?
​क्या गेट पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है?
​सोशल मीडिया पर 'माफिया' बनने का शौक पाल रहे छात्रों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं थी?
​ग्राउंड रिपोर्ट: घटना के बाद छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मुख्य गेट बंद कर जमकर नारेबाजी हुई। भले ही मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन सूर्य प्रताप के परिवार को जो जख्म मिला है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।



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