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स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी

by admin@gmail.com on | 2025-11-03 21:15:12

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स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी

गाजीपुर : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त)  चारू चौधरी ने सोमवार को गाजीपुर स्थित महिला जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी। अस्पताल के विभिन्न वार्डों, लेबर रूम और ओपीडी के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

सबसे बड़ी शिकायत ओपीडी में देखने को मिली, जहाँ मरीजों ने महोदया को बताया कि डॉक्टर उन्हें अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल के बजाय बाहर के प्राइवेट लैब में भेज रहे हैं। जाँच में पाया गया कि अस्पताल का अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रतिदिन केवल 10 से 12 मरीजों का ही परीक्षण कर रहा था। साथ ही, मरीजों को दवाइयाँ भी बाहर से लाने को लिखी जा रही थीं। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगी लिफ्ट भी खराब मिलीं।


श्रीमती चौधरी ने इस घोर लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को तत्काल व्यवस्थाएँ दुरुस्त करने और प्राइवेट लैब में भेजने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों को हर सुविधा मिलनी चाहिए।


  • शिक्षा और पोषण में भी दिखी बड़ी चूक: प्राथमिक स्कूल में 14 बच्चे, 4 में से 1 टीचर; आंगनबाड़ी में हिदायत
  • फॉक्सगंज निरीक्षण: यूनिफॉर्म नहीं, पढ़ाई में लापरवाही; बेसिक शिक्षा अधिकारी को जाँच के आदेश


महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने जिला अस्पताल के बाद फॉक्सगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। जहाँ आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने गर्भवती महिला की गोद भराई और शिशु का अन्नप्राशन कराते हुए महिलाओं को समय पर दवा और पौष्टिक आहार लेने की हिदायत दी, वहीं प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली।

प्राथमिक विद्यालय फॉक्सगंज में कक्षा 1 से 5 तक के लिए मात्र 14 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों के पास स्कूल यूनिफॉर्म भी नहीं थी। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि विद्यालय में कुल चार टीचर्स होने के बावजूद, केवल एक ही टीचर सभी बच्चों को एक ही क्लासरूम में पढ़ाते हुए पाए गए, जो पढ़ाई में घोर लापरवाही का संकेत है।

श्रीमती चौधरी ने बच्चों की पढ़ाई में इस तरह की उदासीनता और विद्यालय की कमियों को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में तत्काल जाँच करने और स्कूल की शैक्षिक व्यवस्था को सही करने के लिए निर्देशित किया।




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