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प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय यात्रा पर भूटान पहुँचे, दिल्ली ब्लास्ट के षड्यंत्रकारियों को 'नहीं बख्शने' का ऐलान
by admin@gmail.com on | 2025-11-11 22:51:36
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थिंपू, भूटान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (11 नवंबर, 2025) को अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए भूटान की राजधानी थिंपू पहुँचे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच विशेष मैत्री और सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, और यह भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
भूटान से दिल्ली ब्लास्ट पर PM मोदी का दो टूक बयान
भूटान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में हुए भीषण ब्लास्ट पर दुख व्यक्त किया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
"आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूँ। कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूँ। आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है।"
"मैं कल रात भर इस घटना की जाँच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में था। हमारी एजेंसियाँ इस साजिश की तह तक जाएँगी। इसके पीछे जो भी षड्यंत्रकारी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, उन सभी को सज़ा मिलेगी।"
इस दौरान भूटान नरेश ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारत के साथ खड़े रहने की बात कही।
भव्य और गर्मजोशी भरा स्वागत
पारो में अगवानी: पारो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत उनके भूटानी समकक्ष, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने गर्मजोशी से किया। इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
PM तोबगे का X संदेश: प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने X पर पीएम मोदी को "अपने बड़े भाई" बताते हुए स्वागत किया।
PM मोदी ने जताया आभार: प्रधानमंत्री मोदी ने भी X पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को नई ऊर्जा देगी।
यात्रा का मुख्य एजेंडा और महत्व
महत्वपूर्ण मुलाक़ातें: प्रधानमंत्री मोदी भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, चौथे राजा और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
ऊर्जा साझेदारी में मील का पत्थर: पीएम मोदी और भूटान नरेश संयुक्त रूप से 1020 मेगावाट क्षमता वाली पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना भारत और भूटान के संयुक्त सहयोग से विकसित की गई है।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध: पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान ताशीछोजोंग, थिम्फू में रखे गए भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के दर्शन भी करेंगे।
पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना (PHEP-II)
यह परियोजना भारत और भूटान की ऊर्जा साझेदारी में एक प्रमुख मील का पत्थर है:
क्षमता: 1020 मेगावाट (6x170 MW टर्बाइन)
नदी और स्थान: पुनात्सांगछू नदी (संकोश नदी के नाम से भी जानी जाती है), वांगडू फोडरंग जिला, पश्चिमी भूटान।
प्रकार: रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना।
फंडिंग: भारत सरकार द्वारा 30% अनुदान और 70% ऋण के माध्यम से वित्त पोषित।
महत्व: यह परियोजना भूटान की कुल स्थापित जलविद्युत उत्पादन क्षमता में लगभग 40% की वृद्धि करेगी। उत्पादित बिजली भूटान के उपयोग के बाद भारत को निर्यात की जाएगी।