ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अपराध अपराध

IGRS की शिकायत पर हड़कंप, महिला अस्पताल के सामने ड्रग इंस्पेक्टर का छापा; कई मेडिकल स्टोरों की उड़ी धज्जियां

by on | 2026-08-12 17:55:25

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3061


IGRS की शिकायत पर हड़कंप, महिला अस्पताल के सामने ड्रग इंस्पेक्टर का छापा; कई मेडिकल स्टोरों की उड़ी धज्जियां

गाजीपुर। प्रशासनिक चाबुक चलते ही ज़िले के दवा माफियाओं और नियमों को ठेंगे पर रखकर दुकानें चला रहे मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को आईजीआरएस (IGRS) पर लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार पांडेय ने आज दल-बल के साथ महिला जिला अस्पताल और लालदरवाजा समेत कई इलाकों में औचक छापेमारी की। जांच के दौरान जो तस्वीरें निकलकर सामने आईं, उसने स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

​निरीक्षण के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने सिंह मेडिकल स्टोर (मिश्रा मार्केट), पटेल मेडिकल स्टोर, हिंद मेडिकल स्टोर (लालदरवाजा), शांति फार्मा, सिंध मेडिकल स्टोर और ओम साई मेडिकल स्टोर (रौजा) पर अचानक दस्तक दी। ज़मीन पर हकीकत यह मिली कि कई दुकानों पर फार्मासिस्ट गायब थे और दवाएं रामभरोसे बेची जा रही थीं। महिला अस्पताल के सामने स्थित सिंध मेडिकल स्टोर पर तो बिना फार्मासिस्ट ही धड़ल्ले से बिक्री चल रही थी। इतना ही नहीं, कई दुकानों में साफ-सफाई का आलम बेहद चिंताजनक पाया गया।

​ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार पांडेय ने साफ़ शब्दों में चेताया कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940 और नियमावली-1945 के प्रावधानों से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने सभी संचालकों को सख्त हिदायत दी:

  • फार्मासिस्ट की अनिवार्य मौजूदगी: बिना अधिकृत फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री तुरंत बंद हो।
  • पक्का बिल और स्वच्छता: मरीजों को हर खरीदारी का सेल इनवॉइस दिया जाए और परिसर में स्वच्छता बनाई रखी जाए।
  • CCTV कैमरे: सभी मेडिकल स्टोरों में 100% सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
  • मरीजों से दुर्व्यवहार पर एक्शन: तीमारदारों या मरीजों के साथ बदसलूकी की शिकायत मिली तो सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।

​कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने अनियमितता बरतने वाले सभी दुकानदारों को 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया है। सभी संचालकों को 7 कार्य दिवसों के भीतर जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया गया है। स्पष्ट कर दिया गया है कि तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्त और निलंबित करने का चाबुक चलना तय है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment