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रिजिजू की दो-टूक चेतावनी: देश और तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं

by admin@bebak24.com on | 2026-08-31 13:00:12

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रिजिजू की दो-टूक चेतावनी: देश और तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के विरोध के दौरान भारत के राष्ट्रीय ध्वज से कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरएसएस, भाजपा या सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।

रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में कहा कि राजनीतिक या वैचारिक असहमति के बावजूद भारत के सम्मान और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश या तिरंगे का अपमान करने की गतिविधियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

विरोध प्रदर्शन का वीडियो आया सामने

भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम के बाहर कई संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया था। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों को नारे लिखी तख्तियां लेकर विरोध करते देखा गया। इसी दौरान प्रसारित एक वीडियो में कुछ लोगों पर भारतीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाया गया है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रिजिजू ने इसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार या किसी राजनीतिक संगठन की आलोचना करने की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान नहीं होना चाहिए।

भागवत के कार्यक्रम को लेकर पहले से था विरोध

मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर पहले से ही कुछ संगठनों ने विरोध जताया था। प्रदर्शनकारियों ने आरएसएस की विचारधारा और उसकी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए। विरोध प्रदर्शनों में अलग-अलग समूहों के लोग शामिल नजर आए।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी भागवत के कार्यक्रम को लेकर अपनी असहमति जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि वह भागवत के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निजी आयोजन को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह अलग कानूनी प्रश्न है।

आलोचना की आजादी और राष्ट्रीय सम्मान पर जोर

रिजिजू की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भागवत के अमेरिका और कनाडा दौरे के दौरान उनके बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। मंत्री ने अपने संदेश में राजनीतिक असहमति और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा के बीच अंतर रखने पर जोर दिया।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों के तहत उसके अपमान को लेकर कानूनी प्रावधान भी मौजूद हैं। ऐसे में सामने आए वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।



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