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नेपाल बाढ़: मौत का आंकड़ा 616 पार, 1900 से अधिक लापता; मौसम बिगड़ा तो थमा बचाव

by admin@bebak24.com on | 2026-08-29 12:07:06

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नेपाल बाढ़: मौत का आंकड़ा 616 पार, 1900 से अधिक लापता; मौसम बिगड़ा तो थमा बचाव

काठमांडू | बेबाक24 न्यूज़

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उसके बाद बने हालात में मृतकों की संख्या 616 तक पहुंच गई है। वहीं, 1900 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। त्रिशुली नदी क्षेत्र में भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण राहत एवं बचाव अभियान को फिलहाल रोकना पड़ा है। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं।

नेपाल में यह आपदा रसुवा और मध्य क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी तबाही छोड़ चुकी है। सड़कें, पुल, बस्तियां और जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।

तिब्बत में बनी झील ने बढ़ाई नई चिंता

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, तिब्बत में भूस्खलन के मलबे के बीच बनी एक झील में पानी का स्तर फिर बढ़ रहा है। इससे दोबारा भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

चीन के इंजीनियरों की टीम ने झील का निरीक्षण कर उसमें करीब 12 से 20 लाख घन मीटर पानी होने का आकलन किया है। खतरे को देखते हुए बचावकर्मियों को सुरक्षित स्थानों पर वापस बुलाया गया है।

भारत ने बचाव के लिए भेजी विशेषज्ञ टीम

नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत ने 11 सदस्यीय बचाव दल भेजा है। इसमें चिकित्सा कर्मियों के साथ सुरंग और जटिल बचाव अभियानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करेगी।

भारत से राहत सामग्री भी भेजी जा रही है। भारतीय वायुसेना का विमान दवाओं और खाद्य सामग्री समेत करीब 10 टन आवश्यक सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा है।

320 भारतीयों का अब तक पता नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल की इस आपदा के बाद करीब 320 भारतीय नागरिकों से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। सड़क और पुल नष्ट होने के कारण कई दुर्गम इलाकों तक बचाव दल पहुंच नहीं पा रहे हैं।

वहीं, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। पश्चिम बंगाल के 39 लापता पर्यटकों में से दो से संपर्क स्थापित होने की जानकारी भी सामने आई है।

विदेशी मदद स्वीकार करने को तैयार नेपाल

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक सुरंगों में बचाव, शवों की पहचान और अत्यधिक कठिन इलाकों में अभियान के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी नेपाल के लिए 150000 अमेरिकी डॉलर की तत्काल सहायता जारी की है। संगठन ने चिकित्सा सामग्री, तंबू, मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर समेत आवश्यक सामान भेजा है।

खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

त्रिशुली और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बिगड़ता मौसम बचाव अभियान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं और कई रास्ते अब भी बाधित हैं। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा किसी भी आपात सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की अपील की है।

नेपाल में राहत अभियान जारी है, लेकिन भारी तबाही, दुर्गम भूभाग और लगातार बदलते मौसम के कारण लापता लोगों तक पहुंचना बचाव एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।



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