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राहुल गांधी के थाने पहुंचने पर स्मृति ईरानी का हमला, पूछा- ‘क्या पुलिस और सेना पर हमले की जांच भी कभी मांगी?’

by on | 2026-08-22 16:04:47

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राहुल गांधी के थाने पहुंचने पर स्मृति ईरानी का हमला, पूछा- ‘क्या पुलिस और सेना पर हमले की जांच भी कभी मांगी?’

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचकर धरना देने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के कदम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने कभी पुलिस, अर्धसैनिक बलों या सेना के खिलाफ कथित हमलों की जांच की मांग भी इसी तरह उठाई है।

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से पूछे सवाल

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कब खुद को अदालतों के अधिकार के अधीन माना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार खुद को संसद, उच्चतम न्यायालय और देश के कानून से ऊपर समझता है। स्मृति ईरानी ने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में राहुल गांधी की नजर में एक पुलिस थाने की क्या हैसियत है।

गृह मंत्री से चर्चा के लिए बुलाने का दावा

भाजपा नेता ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बातचीत करने और सवाल पूछने के लिए बार-बार बुलाया था।

स्मृति ईरानी के मुताबिक, गृह मंत्री ने राहुल गांधी के सभी सवालों का जवाब देने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का रास्ता चुना।

‘पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर हमले की जांच क्यों नहीं मांगी?’

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अर्धसैनिक बलों और पुलिस पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ जांच की मांग की।

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी ने सेना का अपमान करने वालों के खिलाफ जांच की मांग की थी।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस घटना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए कर रही है, जबकि मामले की जांच पहले से चल रही थी।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। साहिल के अनुसार, उन्हें 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से चोट लगी थी।

राहुल गांधी ने साहिल की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे।

इस दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में थाने पहुंचे थे।

बाद में दर्ज हुई प्राथमिकी

मामले में बाद में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई, जिसके बाद राहुल गांधी के थाने पर प्रदर्शन का तत्काल कारण समाप्त हो गया।

अब इस प्रकरण में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ पुलिस जांच भी आगे बढ़ेगी। साहिल की चोट और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच में सामने आने वाले तथ्य आगे की दिशा तय करेंगे।

बेबाक24 का नजरिया

यह मामला अब केवल एक प्राथमिकी तक सीमित नहीं रहा है। एक ओर राहुल गांधी और कांग्रेस पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है।

अंततः इस विवाद में सबसे अहम बात आरोप नहीं, बल्कि जांच में सामने आने वाले प्रमाण और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया होगी।



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