ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
प्राकृतिक आपदा बाढ़

बलिया में उफान पर गंगा, निहोरा नगर के 50 घरों में घुसा पानी: बेपरवाह तंत्र के बीच डीएम का औचक निरीक्षण ​गंगा का कहर, सरयू की सुस्ती

by on | 2026-09-01 20:20:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3078


बलिया में उफान पर गंगा, निहोरा नगर के 50 घरों में घुसा पानी: बेपरवाह तंत्र के बीच डीएम का औचक निरीक्षण  ​गंगा का कहर, सरयू की सुस्ती

बलिया । गंगा नदी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उछाल मार रही है। बीते 16 घंटों में ही नदी का जलस्तर 32 सेंटीमीटर चढ़ चुका है। गायघाट पर गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है, वहीं बक्सर गेज पर भी पानी खतरे के बिंदु को लांघने को बेताब है। दूसरी ओर, सरयू नदी में 16 घंटे के दौरान महज 2 सेंटीमीटर की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। साफ़ है कि नदियों की इस चाल से आने वाले दिनों में जिले पर आफत और बढ़ने वाली है।

जब बिस्तरों तक पहुँचा पानी, तब टूटा प्रशासन का मौन

गंगा के इस विकराल रूप का पहला शिकार शहर का निहोरा नगर बना है, जहाँ वार्ड नंबर 24 के करीब 50 घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। वार्ड नंबर 11 भी इसकी चपेट में आ रहा है। जब लोगों के रसोई और बिस्तरों तक पानी पहुँच गया, तब जाकर प्रशासनिक अमले की नींद टूटी। मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह लाव-लश्कर के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करने ज़मीन पर उतरे।

कागज़ी सर्वे का फरमान और जमीनी मुआयना

  • शाम तक रिपोर्ट का फरमान: डीएम ने मौके पर मौजूद लेखपाल और कानूनगो को मंगलवार शाम तक ही पूरी रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है।
  • 25 वार्डों का सर्वे: नगर पालिका के सभी 25 वार्डों और वजीरापुर गाँव का व्यापक सर्वे होगा। इसमें डूबे हुए मकानों, सुरक्षित घरों, विस्थापितों और सबसे अहम—प्रभावित गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार की जाएगी।
  • नावों की व्यवस्था: जलभराव से कटे इलाकों में आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल नावें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण में खुली पोल: गायब लेखपाल को चेतावनी नोटिस

निरीक्षण के दौरान ग्राम यारपुर के बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में संबंधित लेखपाल क्षेत्र का रुख तक नहीं कर रहे हैं और रास्तों पर पानी भरने से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने यारपुर के लेखपाल को तत्काल 'चेतावनी नोटिस' जारी करने का आदेश दिया। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को यह निगरानी करने को कहा गया है कि लेखपाल नियमित रूप से क्षेत्र में पहुँच रहे हैं या नहीं।

​निरीक्षण के दौरान एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, एसडीएम सदर और तहसीलदार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के ये 'सख्त निर्देश' और कागजी सर्वे बाढ़ पीड़ितों तक असल राहत पहुंचा पाते हैं या हर बार की तरह कागज़ ही तैरते रह जाते हैं।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment