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NEET UG Counselling: सरकारी मेडिकल कॉलेज में 22,342 रैंक तक दाखिला, एमसीसी ने संशोधित किया राउंड-1 रिजल्ट

by admin@bebak24.com on | 2026-08-22 15:12:58

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NEET UG Counselling: सरकारी मेडिकल कॉलेज में 22,342 रैंक तक दाखिला, एमसीसी ने संशोधित किया राउंड-1 रिजल्ट

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

नीट यूजी 2026 की चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र अपलोड करने में हुई त्रुटि के कारण पहले चरण का अस्थायी सीट आवंटन परिणाम संशोधित किया है।

संशोधित परिणाम के अनुसार, सबसे पीछे की रैंक पर भी अभ्यर्थियों को एमबीबीएस की सीट मिली है। हालांकि, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में सामान्य वर्ग के लिए अंतिम आवंटित रैंक 22,342 रही। आंध्र प्रदेश के पिदुगुरल्ला स्थित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में इस रैंक तक सीट आवंटित हुई है।

दिव्यांगता प्रमाणपत्र की गलती से बदला परिणाम

एमसीसी के अनुसार, प्राथमिक आकलन केंद्र की ओर से दिव्यांगता प्रमाणपत्र अपलोड करने में गलती हुई थी। इसी वजह से पहले चरण के अस्थायी सीट आवंटन परिणाम में बदलाव करना पड़ा।

अभ्यर्थी संशोधित परिणाम में किसी प्रकार की गलती पाए जाने पर 22 अगस्त सुबह 8 बजे तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

11.94 लाख रैंक तक भी मिली एमबीबीएस सीट

पहले चरण में करीब 11.94 लाख रैंक तक के अभ्यर्थियों को भी एमबीबीएस सीट आवंटित हुई है। हालांकि, इन सीटों को सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों की सीटों के साथ जोड़कर देखना सही नहीं होगा।

सबसे पीछे की रैंक पर मिली सीटों में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की स्ववित्तपोषित योग्यता आधारित सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर शुल्क सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों की तुलना में अलग होता है।

सरकारी कॉलेज में 22,342 रैंक तक पहुंचा दाखिला

सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थिति अलग रही। सामान्य वर्ग में 22,342 रैंक तक सीट आवंटित हुई।

आंध्र प्रदेश के पिदुगुरल्ला स्थित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में इस रैंक के अभ्यर्थी को सीट मिली। इसके अलावा कुछ अन्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी 20,000 से अधिक रैंक पर सीट आवंटित की गई।

देश में एमबीबीएस की 1,36,939 सीटें

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में देशभर में एमबीबीएस की कुल 1,36,939 सीटें हैं। हालांकि, इन सभी सीटों के लिए एक ही परामर्श प्रक्रिया नहीं होती।

सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों की कुछ सीटें अखिल भारतीय कोटे के माध्यम से भरी जाती हैं, जबकि राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य अलग प्रक्रिया अपनाते हैं। निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों की सीटों की व्यवस्था भी अलग होती है।

इसलिए कुल एमबीबीएस सीटों और किसी एक रैंक के बीच सीधी तुलना करना उचित नहीं है।

दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज

सीट आवंटन सूची में शामिल अभ्यर्थियों को अंतिम परिणाम के बाद संबंधित महाविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

दाखिले के समय मुख्य रूप से नीट यूजी प्रवेश पत्र, सीट आवंटन पत्र, 10वीं की अंकतालिका, 12वीं की अंकतालिका, लागू वर्ग का प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

विभिन्न वर्गों की अंतिम आवंटित रैंक

पहले चरण में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग वर्गों में अंतिम आवंटित रैंक इस प्रकार रही—

वर्गअंतिम रैंक
अन्य पिछड़ा वर्ग11,94,233
अनुसूचित जाति11,94,131
अनुसूचित जनजाति11,77,113
सामान्य वर्ग9,96,653
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग9,83,455

बेबाक24 का नजरिया

नीट यूजी परामर्श में केवल अंतिम रैंक देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि इतनी रैंक पर सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में दाखिला मिल जाएगा। महाविद्यालय का प्रकार, कोटा, वर्ग, शुल्क और सीट की प्रकृति परिणाम पर बड़ा प्रभाव डालते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यर्थी संशोधित सीट आवंटन परिणाम को ध्यान से देखें और दस्तावेज सत्यापन तथा दाखिले की निर्धारित समयसीमा का पालन करें।



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