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10 साल में खत्म हो जाएंगे कॉलेज? गूगल के पूर्व अधिकारी की भविष्यवाणी, बोले- एआई बदलेगा शिक्षा का पूरा ढांचा

by admin@bebak24.com on | 2026-08-22 15:12:42

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10 साल में खत्म हो जाएंगे कॉलेज? गूगल के पूर्व अधिकारी की भविष्यवाणी, बोले- एआई बदलेगा शिक्षा का पूरा ढांचा

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच गूगल के पूर्व अधिकारी मो गौदत ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि आने वाले 10 वर्षों में पारंपरिक कॉलेज व्यवस्था का मौजूदा स्वरूप खत्म हो सकता है और एआई शिक्षा को पूरी तरह बदल देगा।

मो गौदत गूगल की एक्स इकाई में मुख्य कारोबार अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने यह बात एक हालिया बातचीत के दौरान कही, जहां उनसे पूछा गया कि क्या माता-पिता को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना चाहिए।

‘10 साल बाद कॉलेज की जरूरत नहीं रहेगी’

गौदत ने पारंपरिक कॉलेज शिक्षा के भविष्य पर बेहद स्पष्ट राय रखी। उनका दावा है कि अगले 10 वर्षों में कॉलेज की मौजूदा व्यवस्था का कोई खास महत्व नहीं रह जाएगा।

उन्होंने एआई के प्रभाव की तुलना कैलकुलेटर से करते हुए कहा कि जिस तरह कैलकुलेटर ने कठिन गणनाओं को आसान बनाकर लोगों को दूसरे महत्वपूर्ण कामों पर ध्यान देने का अवसर दिया, उसी तरह एआई भी शिक्षा में बड़ा बदलाव ला सकता है।

एआई से पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल सकता है

गौदत के अनुसार, भविष्य में छात्रों को जानकारी हासिल करने और किसी विषय को समझने के लिए पारंपरिक तरीकों पर उतना निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एआई प्रत्येक छात्र की जरूरत और सीखने की गति के अनुसार अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध करा सकता है।

इससे शिक्षा अधिक व्यक्तिगत और अनुकूलित हो सकती है। छात्रों को उन विषयों पर अतिरिक्त मदद मिल सकती है जिनमें उन्हें कठिनाई होती है।

एआई पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता से खतरा

हालांकि, गौदत ने एआई को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी दी। उनका कहना है कि यदि लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने की पूरी जिम्मेदारी एआई को दे देंगे तो इससे उनकी खुद सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है।

उनके मुताबिक, एआई का इस्तेमाल उन कामों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए जिनमें मशीनें इंसानों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, जैसे बड़ी मात्रा में आंकड़ों का विश्लेषण करना और तेजी से जानकारी तलाशना।

छात्रों को कौन-सी तैयारी करनी होगी?

गौदत का मानना है कि भविष्य के रोजगार और शिक्षा क्षेत्र में एआई की भूमिका लगातार बढ़ेगी। इसलिए छात्रों को केवल पारंपरिक डिग्री पर निर्भर रहने के बजाय नई तकनीकों के साथ काम करना सीखना होगा।

उनके अनुसार, एआई को खतरे के रूप में देखने के बजाय उसे सहायक साधन के तौर पर इस्तेमाल करने की क्षमता भविष्य की महत्वपूर्ण योग्यता बन सकती है।

क्या सच में खत्म हो जाएंगे कॉलेज?

गौदत का 10 वर्ष वाला दावा एक भविष्यवाणी और व्यक्तिगत आकलन है, कोई निश्चित तथ्य नहीं। कॉलेजों की आवश्यकता खत्म होगी या उनका स्वरूप बदलेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि एआई के साथ शिक्षा व्यवस्था, रोजगार बाजार और उच्च शिक्षा संस्थान किस तरह विकसित होते हैं।

संभव है कि भविष्य में कॉलेज पूरी तरह समाप्त होने के बजाय अपने स्वरूप में बदलाव करें और पारंपरिक शिक्षण के साथ एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षा को जोड़ा जाए।

बेबाक24 का नजरिया

एआई कॉलेजों को खत्म करेगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि शिक्षा का तरीका तेजी से बदल रहा है। आने वाले समय में केवल जानकारी याद रखना पर्याप्त नहीं होगा; सवाल पूछने, सही जानकारी पहचानने, समस्या सुलझाने और एआई का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।



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