ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

जादवपुर विश्वविद्यालय में झड़प पर दिलीप घोष का हमला: ‘राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं’

by admin@bebak24.com on | 2026-08-21 16:35:20

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3191


जादवपुर विश्वविद्यालय में झड़प पर दिलीप घोष का हमला: ‘राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं’

कोलकाता | बेबाक24 न्यूज़

कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच हुई कथित झड़प के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। घटना पर राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने विश्वविद्यालय परिसर में सक्रिय कुछ समूहों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि शिक्षण संस्थान का वातावरण शांतिपूर्ण रहना चाहिए।

‘राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं’

दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि जादवपुर विश्वविद्यालय में कुछ ऐसे समूह सक्रिय हैं जो लगातार राष्ट्रविरोधी नारे लगाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी या असामाजिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले राज्यपाल के साथ भी विश्वविद्यालय परिसर में कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। घोष के मुताबिक, शिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और स्वस्थ विचार-विमर्श होना चाहिए, न कि हिंसक टकराव।

छात्र संगठनों के बीच कैसे बढ़ा विवाद?

घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, वामपंथी छात्र संगठन की ओर से बुलाई गई सामान्य सभा की बैठक को लेकर विवाद शुरू हुआ। एबीवीपी ने बैठक बुलाने के अधिकार पर सवाल उठाया था।

इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया और कथित तौर पर झड़प हुई। एबीवीपी की ओर से आरोप लगाया गया कि वामपंथी छात्र संगठनों के समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया।

वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने इसका उल्टा आरोप लगाते हुए कहा कि एबीवीपी, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे और हिंसा की।

वामपंथी दल ने लगाए गंभीर आरोप

माकपा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि देर रात एबीवीपी से जुड़े लोग मोटरसाइकिलों पर विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और छात्रों के साथ हिंसा की। पार्टी ने दावा किया कि छात्रों पर कथित तौर पर हथियारों से हमला किया गया, छात्रसंघ कक्ष में तोड़फोड़ की गई तथा पत्थर और ईंटें फेंकी गईं।

माकपा ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के सामान को आग के हवाले किया गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। विश्वविद्यालय और पुलिस की ओर से घटना के सभी पहलुओं पर विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है।

‘जादवपुर का माहौल शांतिपूर्ण होना चाहिए’

दिलीप घोष ने कहा कि विश्वविद्यालय में राजनीतिक विचारधाराओं के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें हिंसा में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया।

इस घटना ने एक बार फिर जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति, वैचारिक टकराव और परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेबाक24 का नजरिया

विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक बहस और असहमति की जगह होते हैं, लेकिन विचारों का संघर्ष हिंसा में बदल जाए तो उसका नुकसान छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों को होता है।

किसने पहले हमला किया, परिसर में हथियार या अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल हुआ या नहीं और सार्वजनिक संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा—इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच और उपलब्ध प्रमाणों से मिलना चाहिए।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment