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‘वंदे मातरम्’ पर सियासत ठीक नहीं: मायावती बोलीं- सरकारें बेरोजगारी, छात्रों और बाढ़ जैसे मुद्दों पर ध्यान दें

by admin@bebak24.com on | 2026-08-21 16:35:13

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‘वंदे मातरम्’ पर सियासत ठीक नहीं: मायावती बोलीं- सरकारें बेरोजगारी, छात्रों और बाढ़ जैसे मुद्दों पर ध्यान दें

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सभी राजनीतिक दलों को नसीहत दी है। मायावती ने कहा कि इस बात को लेकर राजनीति करना उचित नहीं है कि वंदे मातरम् पूरा गाया जाए, उसके शुरुआती 2 छंद गाए जाएं या इसका गायन न किया जाए।

मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सभी राजनीतिक दलों को देश और जनता से जुड़े वास्तविक एवं महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर क्या बोलीं मायावती?

मायावती ने कहा कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर संसद में हाल में कानून पारित किया गया है, लेकिन सरकार बदलने के साथ कानूनों में बदलाव कोई नई बात नहीं है।

उनके मुताबिक, केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक दल कई बार अपने राजनीतिक हित और लाभ के अनुसार पिछली सरकारों के बनाए कानूनों में बदलाव करते रहे हैं।

उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मुद्दों को राजनीतिक टकराव का केंद्र बनाने के बजाय जनता से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

बेरोजगार युवाओं और छात्रों का उठाया मुद्दा

बसपा प्रमुख ने बेरोजगार युवाओं, छात्रों और जेन-जी की समस्याओं पर सरकारों का ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा कि देश के सामने कई ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्न हैं जिन पर केंद्र और राज्य सरकारों तथा सभी राजनीतिक दलों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

स्कूली बच्चों की समस्याओं पर भी जोर

मायावती ने स्कूली बच्चों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि देश में शिक्षा और बच्चों से जुड़े कई ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें राजनीतिक बहस के बजाय प्राथमिकता के साथ हल करने की जरूरत है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वंदे मातरम् के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है।

बाढ़ से हुए नुकसान पर सरकार का ध्यान खींचा

मायावती ने देश के विभिन्न हिस्सों में आई भयंकर बाढ़ से हो रही जान-माल की क्षति को भी गंभीर मुद्दा बताया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता पहुंचाना सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

मायावती का संदेश साफ

मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में देश और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना सबसे जरूरी है। उनके बयान को वंदे मातरम् विवाद में भाजपा और कांग्रेस से अलग जनहित केंद्रित रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

बेबाक24 का नजरिया

वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय भावना से गहराई से जुड़ा विषय है, लेकिन लोकतांत्रिक राजनीति में राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के साथ जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर भी समान गंभीरता जरूरी है।

बेरोजगारी, शिक्षा, छात्रों की समस्याएं और बाढ़ जैसी आपदाएं सीधे करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच बहस का स्तर केवल प्रतीकों तक सीमित न रहकर जनसमस्याओं के समाधान तक भी पहुंचना चाहिए।



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