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जयपुर ग्रामीण में स्कूल निरीक्षण को लेकर बवाल: आशुतोष रांका समेत सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप, दोनों पक्ष आमने-सामने

by on | 2026-08-21 16:20:36

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जयपुर ग्रामीण में स्कूल निरीक्षण को लेकर बवाल: आशुतोष रांका समेत सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप, दोनों पक्ष आमने-सामने

जयपुर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान के जयपुर ग्रामीण स्थित रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। सीजेपी का आरोप है कि गांव में प्रवेश करते ही कुछ लोगों ने उनकी टीम का विरोध किया और कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर जाने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं।

सीजेपी का कहना है कि विद्यालय की स्थिति का जायजा लेने पहुंची टीम को विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ा। वहीं, विरोध कर रहे एक ग्रामीण ने आरोपों को अलग नजरिए से रखते हुए कहा कि विद्यालय की मरम्मत के लिए पहले ही 12 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं।

आशुतोष रांका ने भाजपा पर लगाया आरोप

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के विरोध के लिए भाजपा से जुड़े लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने दावा किया कि जिस सरकारी विद्यालय का निरीक्षण करने उनकी टीम पहुंची, उसकी स्थिति वर्षों से खराब है।

रांका ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा को बच्चों का बदहाल विद्यालय में पढ़ना मंजूर है, लेकिन विद्यालय की स्थिति सुधारने की कोशिश किए जाने पर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के विरोध से डरने वाले नहीं हैं।

हालांकि, भाजपा की ओर से इस घटना और रांका के आरोपों पर इस सूचना में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महिला कार्यकर्ता ने सुनाई घटना की आपबीती

सीजेपी कार्यकर्ता रेखा शर्मा के मुताबिक, जब टीम विद्यालय की ओर बढ़ी तो बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले से मौजूद थे। उनका आरोप है कि इनमें कुछ भाजपा कार्यकर्ता और अन्य लोग भी शामिल थे।

रेखा शर्मा ने दावा किया कि गांव में प्रवेश करते ही टीम पर हमला शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आशुतोष रांका समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ भी धक्का-मुक्की हुई और उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं थी।

गाड़ियों के शीशे तोड़ने का भी आरोप

सीजेपी के एक अन्य कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया और कुछ लोगों ने कार्यकर्ताओं को ‘पाकिस्तानी’ कहकर संबोधित किया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई या आधिकारिक जांच का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, सीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध कर रहे एक ग्रामीण ने अलग दावा किया। उसने कहा कि विद्यालय की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं और यह काम भाजपा की ओर से कराया जाएगा।

ग्रामीण ने यह भी कहा कि वह भाजपा के साथ काम करता रहेगा और पार्टी के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा।

स्कूल की बदहाली बना विवाद का केंद्र

पूरे विवाद के केंद्र में सरकारी विद्यालय की स्थिति है। सीजेपी का दावा है कि विद्यालय की हालत लंबे समय से खराब है और पार्टी कार्यकर्ता वहां की वास्तविक स्थिति सामने लाने पहुंचे थे।

वहीं ग्रामीण पक्ष का कहना है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और जल्द काम कराया जाना है।

ऐसे में विवाद केवल राजनीतिक टकराव तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह भी है कि विद्यालय की मरम्मत का काम कब शुरू होगा और बच्चों को आवश्यक सुविधाएं कब मिलेंगी।

बेबाक24 का नजरिया

स्कूल की स्थिति दिखाने पहुंचे राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट के आरोप गंभीर हैं। लेकिन घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के बिना किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

बेबाक24 का सवाल सीधा है—अगर विद्यालय की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, तो प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि काम कब शुरू होगा।



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