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सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट पर डोटासरा का हमला: ‘हमला करने वाले ग्रामीण नहीं, भाजपा के कार्यकर्ता थे’

by on | 2026-08-21 16:20:32

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सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट पर डोटासरा का हमला: ‘हमला करने वाले ग्रामीण नहीं, भाजपा के कार्यकर्ता थे’

जयपुर | बेबाक24 न्यूज़

जयपुर ग्रामीण के एक सरकारी विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि सीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध करने वाले ग्रामीण नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे।

डोटासरा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सरकारी विद्यालय जाने से रोका जाता है या उसके साथ मारपीट की जाती है तो यह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे हर व्यक्ति के साथ खड़ी रहेगी जो सरकार की कार्यप्रणाली से परेशान है।

‘वे ग्रामीण नहीं, भाजपा के कार्यकर्ता थे’

डोटासरा ने आरोप लगाया कि सीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध करने वाले लोगों का संबंध भाजपा से है। उनके मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता जनहित से जुड़े मुद्दों का भी विरोध करते हैं और ऊपर से मिले निर्देशों का पालन करते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय जैसी सार्वजनिक संस्था से जुड़े मुद्दे उठाने वालों के साथ किसी भी तरह की मारपीट लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

सीजेपी ने भी लगाया था भाजपा पर आरोप

इससे पहले सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी आरोप लगाया था कि विद्यालय का निरीक्षण करने के दौरान भाजपा की ओर से बुलाए गए लोगों ने उनका और उनके साथियों का विरोध किया तथा मारपीट की।

सीजेपी के मुताबिक, घटना के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पार्टी ने सरकारी विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए घटना को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को दबाने की कोशिश बताया है।

दूसरे पक्ष ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, घटना के दूसरे पक्ष की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। खुद को ग्रामीण बताने वाले जुगल किशोर शर्मा ने दावा किया था कि ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट नहीं की। उन्होंने उल्टा आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं ने अपनी ही गाड़ी क्षतिग्रस्त की।

उन्होंने यह भी कहा था कि विद्यालय की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं और काम स्थानीय विधायक की ओर से कराया जाएगा।

स्कूल की स्थिति पर अब सियासत तेज

घटना के बाद सरकारी विद्यालय की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सीजेपी का कहना है कि ग्रामीण विद्यालयों में बच्चों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जबकि स्थानीय पक्ष का दावा है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए पहले ही धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।

मामले में दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं। ऐसे में घटना की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

बेबाक24 का नजरिया

विद्यालयों में पानी, शौचालय, सुरक्षित भवन और बेहतर शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं राजनीतिक दलों के बीच टकराव का विषय नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकार से जुड़ा सवाल हैं।

बेबाक24 का मानना है कि यदि मारपीट के आरोप सही हैं तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि विद्यालय के लिए 12 लाख रुपये वास्तव में स्वीकृत हैं तो प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि धनराशि कब जारी हुई, काम कब शुरू होगा और बच्चों को सुविधाएं कब मिलेंगी।



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