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जयपुर ग्रामीण में स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ता, मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप; ग्रामीणों ने आरोपों को नकारा

by on | 2026-08-21 16:20:16

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जयपुर ग्रामीण में स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ता, मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप; ग्रामीणों ने आरोपों को नकारा

जयपुर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित सरकारी विद्यालय की स्थिति देखने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। सीजेपी का आरोप है कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की और महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।

घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। सीजेपी कार्यकर्ताओं ने जहां मारपीट और आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का आरोप लगाया, वहीं खुद को ग्रामीण बताने वाले जुगल किशोर शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा सीजेपी कार्यकर्ताओं पर अपनी ही गाड़ी क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया।

महिला कार्यकर्ता ने बताया क्या हुआ

सीजेपी कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि मौके पर उन्हें “पाकिस्तान जाओ”, “आतंकवादी” और “नक्सली” जैसे शब्द कहे गए।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी सरकारी विद्यालय की स्थिति सुधारने का मुद्दा उठाने पर कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

शिवांगी शर्मा के मुताबिक, सीजेपी कार्यकर्ता किसी दूसरे देश या राजनीतिक दल के प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने के लिए वहां पहुंचे थे।

ग्रामीण ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, ग्रामीण होने का दावा करने वाले जुगल किशोर शर्मा ने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया।

उन्होंने कहा कि सीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में लोगों के साथ वहां पहुंचे थे और ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट नहीं की। जुगल किशोर का आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने खुद ही अपनी गाड़ी तोड़ दी।

उनका कहना है कि विद्यालय की मरम्मत का काम पहले से प्रस्तावित है और इसके लिए 12 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि विद्यालय की मरम्मत स्थानीय विधायक की ओर से कराई जाएगी।

स्कूल की बदहाली बनी विवाद की वजह

सीजेपी कार्यकर्ता सरकारी विद्यालय की वास्तविक स्थिति देखने और वहां मौजूद सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ने की बात सामने आई।

सीजेपी की ओर से विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ पानी, शौचालय, सुरक्षित भवन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।

वहीं, ग्रामीण पक्ष का कहना है कि विद्यालय के विकास के लिए पहले ही धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और मरम्मत का काम कराया जाना प्रस्तावित है।

दोनों पक्षों के दावों से बढ़ा विवाद

घटना के संबंध में फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप एक-दूसरे से अलग हैं। सीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार हुआ, जबकि ग्रामीण पक्ष ने किसी तरह की मारपीट से इनकार किया है।

ऐसे में वास्तविक घटनाक्रम क्या था, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा।

बेबाक24 का नजरिया

सरकारी विद्यालय की स्थिति को लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से हिंसा, धमकी या जबरदस्ती स्वीकार्य नहीं हो सकती। दूसरी ओर, किसी घटना पर निष्कर्ष निकालने से पहले दोनों पक्षों का पूरा पक्ष और उपलब्ध साक्ष्य सामने आना जरूरी है।

बेबाक24 का सवाल सीधा है—यदि विद्यालय के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, तो अगला सवाल यह होना चाहिए कि काम कब शुरू होगा और बच्चों को बुनियादी सुविधाएं कब मिलेंगी।



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