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महात्मा गांधी के हस्तलिखित 688 संदेशों की नीलामी, 16.2 करोड़ रुपये में बिका दुर्लभ संग्रह; बना नया रिकॉर्ड

by on | 2026-08-21 16:20:06

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महात्मा गांधी के हस्तलिखित 688 संदेशों की नीलामी, 16.2 करोड़ रुपये में बिका दुर्लभ संग्रह; बना नया रिकॉर्ड

मुंबई | बेबाक24 न्यूज़

महात्मा गांधी के जीवन और विचारों से जुड़े दुर्लभ हस्तलिखित दस्तावेजों का एक संग्रह मुंबई में हुई नीलामी में 16.2 करोड़ रुपये में बिका है। संग्रह में गांधी के हाथ से लिखे 688 संदेश शामिल हैं, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानी और उनके करीबी सहयोगी आनंद टी. हिंगोरानी के परिवार ने वर्षों तक सुरक्षित रखा था।

नीलामी के आयोजक सैफ्रनआर्ट के अनुसार, इस बिक्री ने किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए नीलामी में अदा की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि का रिकॉर्ड बनाया है।

1944 से 1946 के बीच लिखे गए थे संदेश

इन हस्तलिखित संदेशों को गांधी ने वर्ष 1944 से 1946 के बीच लिखा था। इनमें सत्य, अहिंसा और आत्मसंयम जैसे विषयों पर उनके विचार दिखाई देते हैं।

ये दस्तावेज गांधी के सार्वजनिक राजनीतिक जीवन से अलग उनके निजी और भावनात्मक पक्ष को भी सामने लाते हैं। संदेशों में सलाह, सांत्वना और व्यक्तिगत परिस्थितियों से निपटने के लिए हौसला देने वाली बातें शामिल हैं।

हिंगोरानी परिवार ने पीढ़ियों तक संभालकर रखे

गांधी और आनंद टी. हिंगोरानी के बीच करीबी संबंध थे। हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद गांधी ने करीब 2 वर्षों तक उन्हें पत्र और संदेश लिखे।

इन संदेशों के जरिए गांधी ने हिंगोरानी को व्यक्तिगत मुश्किलों के बीच धैर्य रखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। बाद में इन संदेशों को ‘अ थॉट फॉर द डे’ नामक पुस्तक में भी संकलित किया गया।

राजनीतिक नेता से अलग गांधी का निजी रूप

महात्मा गांधी को भारत के अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। लेकिन इन दस्तावेजों की खासियत यह है कि इनमें गांधी का राजनीतिक व्यक्तित्व केंद्र में नहीं है।

हस्तलिखित संदेशों में व्यक्तिगत संवेदना, आध्यात्मिक चिंतन, आत्मसंयम और मानवीय संबंधों की झलक मिलती है। यही वजह है कि ऐतिहासिक महत्व के साथ इन दस्तावेजों का निजी महत्व भी बेहद बड़ा माना जा रहा है।

16.2 करोड़ रुपये की बोली क्यों खास?

नीलामी में संग्रह की 16.2 करोड़ रुपये की बिक्री केवल इसकी आर्थिक कीमत को नहीं दर्शाती, बल्कि भारतीय इतिहास और गांधी के निजी दस्तावेजों के प्रति वैश्विक रुचि को भी दिखाती है।

सैफ्रनआर्ट के मुताबिक, इस बिक्री के साथ भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए नीलामी में सबसे अधिक कीमत चुकाए जाने का नया रिकॉर्ड कायम हुआ है।

बेबाक24 का नजरिया

इतिहास केवल बड़े राजनीतिक फैसलों और आंदोलनों में दर्ज नहीं होता, बल्कि कभी-कभी किसी नेता की लिखी छोटी-सी पंक्ति भी उस दौर की सोच और संवेदनाओं को समझने का दुर्लभ माध्यम बन जाती है।

गांधी के ये 688 हस्तलिखित संदेश इसलिए खास हैं क्योंकि वे राष्ट्रपिता की सार्वजनिक छवि से आगे बढ़कर एक ऐसे गांधी को सामने लाते हैं, जो किसी दुखी व्यक्ति को सांत्वना दे रहे थे, उसे संयम की सीख दे रहे थे और मुश्किल समय में हौसला बढ़ा रहे थे।



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