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संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी का धरना: पैलेट गन से घायल छात्र की FIR पर अड़े, बोले- ‘दर्ज होने तक नहीं हटेंगे’

by on | 2026-08-21 15:59:05

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संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी का धरना: पैलेट गन से घायल छात्र की FIR पर अड़े, बोले- ‘दर्ज होने तक नहीं हटेंगे’

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन इस्तेमाल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को घायल छात्र साहिल लोचाब और उनकी मां के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी ने साहिल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह थाने में ही धरने पर बैठ गए।

राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह वहां से नहीं हटेंगे। उनके साथ कांग्रेस के कई नेता और सांसद भी मौजूद रहे।

साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा पैलेट होने का दावा

थाने में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से साहिल गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने साहिल के शरीर पर मौजूद चोटों और मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उनके शरीर में 200 से ज्यादा पैलेट धंसे हैं और इनमें से 3 पैलेट आंख में लगे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि साहिल की आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच के लिए शिकायत दर्ज करने की मांग दोहराई।

‘अगर पुलिस ने पैलेट नहीं चलाए तो किसने चलाए?’

राहुल गांधी ने पुलिस के उस कथित रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें पैलेट चलाने से इनकार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने पैलेट नहीं चलाए तो फिर छात्र के शरीर में ये छर्रे आए कहां से।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया कि ‘ऊपर से आदेश’ है कि एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग केवल इतनी है कि शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।

कांग्रेस ने सरकार और दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि साहिल और उनकी मां पहले भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास गए, लेकिन उनकी शिकायत पर आगे की कार्रवाई नहीं की गई।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती और साहिल को न्याय मिलने तक पार्टी आंदोलन जारी रखेगी।

कौन हैं साहिल लोचाब?

साहिल लोचाब दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र के रहने वाले और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और परिवार की आर्थिक मदद के लिए पार्ट-टाइम कार चलाने का काम भी करते हैं।

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वह भी शामिल हुए थे। इसी दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में उनके घायल होने का आरोप है। कांग्रेस का दावा है कि पैलेट लगने से उनकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा।

डीसीपी कार्यालय के बाहर भी कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा

राहुल गांधी के थाने पहुंचने के बाद कांग्रेस के कई नेता भी मौके पर पहुंच गए। प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और नारेबाजी भी की।

वहीं, स्थिति को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की तैनाती भी की गई।

मामला अब सियासी टकराव की ओर

पैलेट गन के कथित इस्तेमाल का मामला अब छात्र प्रदर्शन से आगे बढ़कर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही है, जबकि आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और शिकायत पर निर्भर करेगी।

बेबाक24 न्यूज़ का निष्कर्ष:
साहिल लोचाब की चोटों और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र जांच और एफआईआर की स्थिति अब इस पूरे विवाद का सबसे अहम मुद्दा बन गई है। राहुल गांधी के थाने में धरने के बाद यह मामला आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक और गरमा सकता है।



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