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वंदे मातरम् पर घमासान: अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले को बताया देशविरोधी, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया मुद्दे भटकाने का आरोप

by admin@bebak24.com on | 2026-08-20 15:44:49

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वंदे मातरम् पर घमासान: अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले को बताया देशविरोधी, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया मुद्दे भटकाने का आरोप

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले पर तीखी आपत्ति जताई है, जिसमें राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती 2 अंतरों के गायन की बात कही गई है। शाह ने कांग्रेस के फैसले को ‘देशविरोधी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति की ओर बढ़ रही है।

वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि वंदे मातरम् कांग्रेस और स्वतंत्रता आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ा मुद्दा है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक बहस का विषय बना रही है।

अमित शाह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?

अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच पर आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक भावना के खिलाफ है और संसद द्वारा बनाए गए कानून की अवहेलना करता है।

शाह ने दावा किया कि 1937 में तुष्टीकरण की राजनीति के तहत कांग्रेस ने वंदे मातरम् के दो हिस्से किए थे। उनके मुताबिक, उस समय लिए गए राजनीतिक फैसले ने आगे चलकर दो-राष्ट्र सिद्धांत को बल दिया और देश के विभाजन की परिस्थितियों को मजबूत किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर मतदाताओं के एक वर्ग को खुश करने की राजनीति कर रही है।

‘150वें वर्ष में ऐतिहासिक गलती सुधार रही सरकार’

शाह ने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के अवसर पर केंद्र सरकार ने कथित ऐतिहासिक गलती को सुधारने की दिशा में कदम उठाया है और पूरे गान को कानूनी आधार दिया गया है।

उन्होंने लोगों से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि देश पहले ही वंदे मातरम् को लेकर किए गए पुराने राजनीतिक फैसलों के परिणाम भुगत चुका है।

कांग्रेस ने बीजेपी पर किया पलटवार

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम् गाती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा भावनात्मक विषय है।

वेणुगोपाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा नहीं थी, जबकि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण विरासत का हिस्सा रहा है।

उनके मुताबिक, भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर देश के सामने मौजूद दूसरे महत्वपूर्ण सवालों से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है।

कांग्रेस ने किन मुद्दों का जिक्र किया?

वेणुगोपाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए पेपर लीक, चंदे से जुड़े विवाद और अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।

कांग्रेस का तर्क है कि देश में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन भाजपा वंदे मातरम् जैसे भावनात्मक मुद्दों को राजनीतिक बहस का केंद्र बना रही है।

विवाद का केंद्र क्या है?

इस पूरे विवाद में मुख्य सवाल यह है कि वंदे मातरम् का कौन सा हिस्सा और किस संदर्भ में गाया जाए, तथा इसके पीछे राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण क्या हो।

अमित शाह इसे राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे स्वतंत्रता आंदोलन की परंपरा और अपने ऐतिहासिक जुड़ाव के संदर्भ में देख रही है।

दोनों दलों के आरोपों से साफ है कि वंदे मातरम् का मुद्दा अब केवल सांस्कृतिक विषय नहीं रहा, बल्कि वर्तमान राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।

बेबाक24 का नजरिया

वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसके गायन और ऐतिहासिक संदर्भ को लेकर बहस स्वाभाविक है, लेकिन 1937 के निर्णय, विभाजन और मौजूदा राजनीतिक फैसलों के बीच सीधे संबंध जोड़ने वाले दावों की ऐतिहासिक जांच जरूरी है।

बेबाक24 का मानना है कि राष्ट्रगीत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर रखकर उसके इतिहास और संवैधानिक स्थिति पर तथ्य आधारित चर्चा होनी चाहिए। देशभक्ति का अर्थ केवल किसी गीत के गायन पर सहमति नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति का सम्मान करना भी है।



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