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पूर्वांचल में उफनाई नदियां, आफत बनी बाढ़: प्रयागराज से बलिया तक प्रशासनिक अलर्ट, वाराणसी में 2 सेमी/घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा

by on | 2026-09-01 12:33:15

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पूर्वांचल में उफनाई नदियां, आफत बनी बाढ़: प्रयागराज से बलिया तक प्रशासनिक अलर्ट, वाराणसी में 2 सेमी/घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा

वाराणसी/प्रयागराज/बलिया:

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान ने तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गंगा और यमुना जैसी प्रमुख नदियां रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं, जिससे कई जिलों में पानी बस्तियों को अपनी चपेट में लेने लगा है। लोग घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं।

प्रयागराज में खतरे के निशान की ओर बढ़ती नदियां

संगमनगरी प्रयागराज में मंगलवार सुबह से ही गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फाफामऊ घाट पर पानी का फैलाव इतनी तेजी से हो रहा है कि तटीय रिहायशी इलाके अब जलमग्न होने की कगार पर हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

​मंगलवार सुबह 8 बजे दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:

  • फाफामऊ (गंगा): 82.88 मीटर
  • नैनी (यमुना): 82.39 मीटर
  • छतनाग (गंगा): 81.97 मीटर

वाराणसी में 2 सेमी/घंटे की रफ्तार से बढ़ाव, गाजीपुर-बलिया में बिगड़े हालात

केंद्रीय जल आयोग द्वारा सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, धर्मनगरी वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर तक पहुंच चुका है और इसमें 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से गंगा घाटों का संपर्क आपस में पूरी तरह टूट गया है और तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

​दूसरी ओर, पूर्वांचल के अंतिम छोर गाजीपुर और बलिया में बाढ़ की विभीषिका तबाही मचाने लगी है। कटान और जलभराव के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क टूट चुका है, फसलें पूरी तरह डूब गई हैं और निचले इलाकों में बसे घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है।

प्रशासन की मुस्तैदी और अपील

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासनों की टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और NDRF व SDRF की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।



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