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लोकतंत्र सूचकांक में भारत की गिरती रैंकिंग पर चिदंबरम ने उठाए सवाल

by admin@bebak24.com on | 2026-09-01 13:11:42

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लोकतंत्र सूचकांक में भारत की गिरती रैंकिंग पर चिदंबरम ने उठाए सवाल

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारत की लोकतांत्रिक स्थिति को लेकर एक नई रिपोर्ट ने सियासी बहस तेज कर दी है। वी-डेम के चुनावी लोकतंत्र सूचकांक में भारत को 179 देशों में 106वां स्थान मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि भारत का लोकतंत्र सूचकांक स्कोर 1975 के बाद सबसे निचले स्तर पर कैसे पहुंच गया।

चुनावी लोकतंत्र में भारत का स्कोर 0.38

वी-डेम की वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत को चुनावी लोकतंत्र सूचकांक में 0.38 अंक मिले हैं। इस आधार पर भारत 179 देशों में 106वें स्थान पर है। वहीं उदार लोकतंत्र सूचकांक में भारत का स्कोर 0.26 रहा और इस श्रेणी में देश 105वें स्थान पर रहा।

चिदंबरम ने सरकार से पूछा सवाल

पी. चिदंबरम ने सामाजिक माध्यम पर साझा संदेश में कहा कि भारत का वर्तमान लोकतंत्र सूचकांक स्कोर 1975 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने इस आंकड़े को केंद्र की नीतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किया।

कांग्रेस पहले भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाती रही है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कई अवसरों पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा चुके हैं।

वी-डेम की नजर में भारत की स्थिति

वी-डेम लोकतंत्र को मापने के लिए कई राजनीतिक और संस्थागत मानकों का अध्ययन करता है। रिपोर्ट में भारत को ‘चुनावी निरंकुशता’ की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में भारत के साथ किर्गिस्तान और पाकिस्तान का भी उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट में लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की स्वतंत्रता में आई कथित गिरावट को भारत की स्थिति के प्रमुख कारणों में गिना गया है। सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों तथा नागरिक समाज पर दबाव को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता व्यक्त की गई है।

दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति पर भी चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण और मध्य एशिया के देशों में लोकतंत्र की स्थिति अलग-अलग है। नेपाल और श्रीलंका को चुनावी लोकतंत्र की श्रेणी में रखा गया है, जबकि भूटान, मंगोलिया और मालदीव को अलग स्तर के लोकतांत्रिक देशों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

हालांकि, वी-डेम की रिपोर्ट एक शोध संस्थान का आकलन है और इसके निष्कर्षों को भारत की राजनीतिक स्थिति का अंतिम या सर्वमान्य प्रमाण नहीं माना जा सकता। लोकतंत्र की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय आकलनों को भी साथ में देखना आवश्यक है।



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