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भिंड में भीषण सड़क हादसा: पिकअप और डंपर की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत, 25 घायल

by admin@bebak24.com on | 2026-08-18 11:54:34

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भिंड में भीषण सड़क हादसा: पिकअप और डंपर की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत, 25 घायल

भिंड | बेबाक24 न्यूज़

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। एनएच-719 पर छीमका गांव के पास एक पिकअप और सामने से आ रहे डंपर की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप सवार 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी लौट रहे थे। घायलों को तत्काल गोहद अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।

मवेशियों को बचाने की कोशिश में बिगड़ा संतुलन

पुलिस के मुताबिक, हादसा रात करीब 1 बजे हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में चालक ने पिकअप को मोड़ दिया। इसी दौरान सामने से आ रहे डंपर से वाहन की जोरदार भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे कई मजदूर वाहन में फंस गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर क्षतिग्रस्त वाहन से घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

धान की रोपाई के बाद घर लौट रहे थे मजदूर

पुलिस के अनुसार, हादसे का शिकार हुए मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे। काम पूरा होने के बाद वे पिकअप से अपने घर लखीमपुर खीरी लौट रहे थे।

गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के अनुसार, दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हुई है और 25 लोग घायल हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान के साथ हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

हादसे के बाद हाईवे पर उठे सुरक्षा के सवाल

शुरुआती जांच में सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के दौरान वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

हादसे के कारण कुछ समय तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया।

इस हादसे ने एक बार फिर एनएच-719 की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टू-लेन हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव

भिंड से ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाला करीब 117 किलोमीटर लंबा एनएच-719 अभी टू-लेन है। सड़क पर डिवाइडर नहीं होने के कारण आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।

स्थानीय स्तर पर इस मार्ग को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। इसके लिए कई बार आंदोलन, चक्काजाम और प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने की बात सामने आती रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों और ओवरलोड वाहनों का दबाव भी रहता है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुरक्षा उपायों को लेकर लंबे समय से उठ रही मांगों पर अब फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

बेबाक24 का नजरिया

भिंड का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की कई कमजोर कड़ियों की ओर इशारा करता है। अगर शुरुआती जांच में मवेशियों को बचाने की कोशिश हादसे की वजह सामने आती है, तो हाईवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती है। वहीं, बिना डिवाइडर वाले व्यस्त मार्ग पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों का दबाव जोखिम को और बढ़ा सकता है।

बेबाक24 का मानना है कि हादसे के बाद केवल मुआवजे और जांच तक सीमित रहने के बजाय सड़क पर मवेशियों की रोकथाम, गति नियंत्रण, यातायात निगरानी और सुरक्षित सड़क ढांचे पर ठोस कार्रवाई जरूरी है। 8 लोगों की जान जाने के बाद यह सवाल अनदेखा नहीं किया जा सकता कि अगला हादसा रोकने के लिए जिम्मेदार एजेंसियां अब क्या कदम उठाएंगी।



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