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नॉर्वे के राजा ने पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाजा; इंडो-पैसिफिक में भारत के साथ आया नॉर्वे, ग्रीन शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा समझौता

by on | 2026-05-19 20:44:13

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नॉर्वे के राजा ने पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाजा; इंडो-पैसिफिक में भारत के साथ आया नॉर्वे, ग्रीन शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा समझौता

ओस्लो | 43 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा बेहद ऐतिहासिक और परिणामों से भरपूर साबित हुई है। ओस्लो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप'  के स्तर पर ले जाने का आधिकारिक एलान कर दिया है।

 क्या है 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' और इसके मायने?

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस साझेदारी के मुख्य स्तंभों की जानकारी दी:

- पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा: यह नई रणनीतिक साझेदारी वैश्विक जलवायु कार्रवाई, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी को एक नई दिशा देगी।

- मजबूत सप्लाई चेन: दोनों देश मिलकर सेमीकंडक्टर और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए एक सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने पर काम करेंगे।

- ब्लू इकोनॉमी: समुद्री संसाधनों के टिकाऊ उपयोग और रिसर्च के लिए दोनों देश तकनीकी सहयोग बढ़ाएंगे।


'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित

इस ऐतिहासिक दौरे पर भारत का गौरव तब और बढ़ गया जब नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया।

- 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान वैश्विक मंचों पर मिला यह उनका 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

- जनता को समर्पित: पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या का आभार व्यक्त करते हुए इसे 140 करोड़ भारतवासियों और दोनों देशों की स्थायी अटूट मित्रता को समर्पित किया।


समुद्री सहयोग और इंडो-पैसिफिक में बड़ी एंट्री

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने के नॉर्वे के ऐतिहासिक फैसले का गर्मजोशी से स्वागत किया है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर रणनीतिक मुहर लगी है:

- ग्रीन शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के बंदरगाहों के हरित विकास और अत्याधुनिक जहाज निर्माण के लिए नॉर्वेजियन तकनीक का इस्तेमाल होगा।

- मछली पालन और समुद्री प्रशिक्षण: मछुआरों के आधुनिक प्रशिक्षण और गहरे समुद्र में मत्स्य पालनके लिए संयुक्त कार्यबल बनेगा। 

$100 बिलियन के निवेश की मजबूत नींव

नॉर्वे के साथ इस 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' और हाल ही में लागू हुए भारत-EFTA-TEPA समझौते को जोड़कर देखा जाए, तो यह भारत के लिए लॉटरी की तरह है। इसके जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आने का रास्ता साफ हुआ है। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत को वैश्विक ग्रीन एनर्जी और टेक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है, जिसका सीधा लाभ भारत के विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगा।



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