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सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
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सोमनाथ में गूंजा 'जय सोमनाथ': शौर्य यात्रा में शामिल हुए पीएम मोदी, 1000 साल के संघर्ष और स्वाभिमान का मनाया जश्न

by admin@bebak24.com on | 2026-01-11 20:13:56

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सोमनाथ में गूंजा 'जय सोमनाथ': शौर्य यात्रा में शामिल हुए पीएम मोदी, 1000 साल के संघर्ष और स्वाभिमान का मनाया जश्न

सोमनाथ |  गुजरात के पावन तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ की नगरी आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक गौरव की साक्षी बनी। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के समापन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भव्य 'शौर्य यात्रा' का नेतृत्व किया। यह आयोजन उस अदम्य साहस को समर्पित था जिसने 1026 ईस्वी में हुए पहले विदेशी आक्रमण के बाद भी सोमनाथ की दिव्यता को अक्षुण्ण रखा।

शौर्य और श्रद्धा का महासंगम

रविवार की सुबह सोमनाथ की गलियां भगवा ध्वजों और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान थीं। प्रधानमंत्री मोदी एक विशेष रूप से सुसज्जित वाहन पर सवार होकर इस 1 किलोमीटर लंबी शौर्य यात्रा का हिस्सा बने। यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने हाथ में त्रिशूल थाम रखा था, जो शक्ति और संकल्प का प्रतीक बना।


108 घोड़ों का काफिला और वीरता का प्रतीक

शौर्य यात्रा का मुख्य आकर्षण 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस था, जो वीर हमीरजी गोहिल जैसे रक्षकों के बलिदान का प्रतीक था। शंखनाद और डमरू की थाप के बीच, देश भर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से इस यात्रा को जीवंत बना दिया।

3000 ड्रोन्स ने रचा नया इतिहास

पर्व के दौरान आयोजित मेगा ड्रोन शो में 3,000 ड्रोन्स ने आकाश में भगवान शिव, विशाल शिवलिंग और सोमनाथ मंदिर की 3D आकृतियां उकेरीं। इसके माध्यम से मंदिर के विध्वंस से लेकर सरदार पटेल के प्रयासों से हुए इसके पुनरुद्धार तक की गौरवगाथा को प्रदर्शित किया गया।


प्रधानमंत्री का संदेश

सार्वजनिक सभा में पीएम मोदी ने कहा, "सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है। 1,000 साल पहले इसे मिटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन सत्य और श्रद्धा को कभी पराजित नहीं किया जा सकता"।


मुख्य बिंदु:

- स्वाभिमान पर्व: 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित।

- ऐतिहासिक संदर्भ: गजनी के आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने का उपलक्ष्य।

- विशेषता: तकनीक (ड्रोन) और परंपरा (शौर्य यात्रा) का अद्भुत संगम।



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