ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

जामताड़ा के 'डिजिटल डकैतों' का वाराणसी में खेल खत्म: बेबाक 24 की विशेष रिपोर्ट

by on | 2026-03-10 23:13:48

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3054


जामताड़ा के 'डिजिटल डकैतों' का वाराणसी में खेल खत्म: बेबाक 24 की विशेष रिपोर्ट

वाराणसी। अपनी बेबाकी और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले बेबाक 24 के पाठकों के लिए आज एक बड़ी खबर है। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में सेंध लगाने वाले जामताड़ा के शातिर ठगों को वाराणसी पुलिस ने धूल चटा दी है। साइबर अपराधियों का यह गिरोह बेगुनाह लोगों की मेहनत की कमाई पर कुंडली मारकर बैठा था, जिसे पुलिस की जांबाज टीम ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।

खबर का लब्बोलुआब: 8.38 लाख की ठगी और पुलिस का करारा प्रहार

​मामला रामनगर के रहने वाले अनूप गुप्ता से जुड़ा है, जिनके बैंक खाते में इन 'डिजिटल लुटेरों' ने बड़ी ही चालाकी से 8,38,402 रुपये का चूना लगाया था। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के सख्त निर्देशों पर गठित विशेष टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए इन अपराधियों का पीछा किया और आखिरकार इन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया।

कैसे बुना गया ठगी का जाल? (ट्रोजन APK का खौफ)

​गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर मंडल और अक्षय मंडल (दोनों निवासी जामताड़ा, झारखंड) केवल साधारण अपराधी नहीं, बल्कि तकनीक के माहिर खिलाड़ी थे। पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफी हैं:

  • हथियार: फर्जी बैंक लिंक और आरटीओ चालान के नाम पर भेजी गई मैलिशियस APK फाइल
  • तरीका: जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता, फोन का पूरा कंट्रोल इन ठगों के पास चला जाता।
  • साजिश: 'SMS बॉम्बर' के जरिए यूजर को सैकड़ों मैसेज भेजकर उलझा दिया जाता और पीछे से बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर पूरा खाता साफ कर दिया जाता।
  • पैसों का खेल: ठगी की रकम को 'टेलीग्राम बॉट' और 'म्यूल बैंक खातों' के जरिए घुमाकर कार्डलेस पेमेंट से निकाला जाता था।

पुलिस की बड़ी बरामदगी: लग्जरी का सामान और नकद

​वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई में इन अपराधियों के पास से जो सामान बरामद हुआ है, वह इनकी अय्याशी की कहानी खुद बयां कर रहा है:

  • 06 चमचमाते आईफोन (कीमत लगभग 5.5 लाख रुपये)
  • 09 एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत करीब 3 लाख रुपये)
  • 1,52,100 रुपये नकद

बेबाक 24 का नजरिया

​पकड़ा गया आरोपी नागेश्वर मंडल पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर जामताड़ा में पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। लेकिन वाराणसी पुलिस की मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार बैठा हो या पड़ोस के राज्य में, कानून के लंबे हाथ उसे खींच ही लाएंगे।

​एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना की टीम ने जिस तरह डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, वह काबिले तारीफ है। बेबाक 24 अपने पाठकों को आगाह करता है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को इंस्टॉल न करें। आपकी एक छोटी सी सावधानी इन ठगों के मंसूबों को नाकाम कर सकती है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment