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राजापुर में 'जीरो टॉलरेंस' की परीक्षा: 'खास वजीर' पर भ्रष्टाचार के आरोप, क्या बच पाएंगे पुरस्कृत प्रधान?

by admin@bebak24.com on | 2025-12-19 23:28:29

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राजापुर में 'जीरो टॉलरेंस' की परीक्षा: 'खास वजीर' पर भ्रष्टाचार के आरोप, क्या बच पाएंगे पुरस्कृत प्रधान?


चंचल के करीबी माने जाते हैं प्रधान अश्वनी राय, पोर्टल से खुली 40 लाख के कथित बंदरबांट की पोल

गाजीपुर (मुहम्मदाबाद): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अब जनपद के राजापुर ग्राम सभा में कसौटी पर है। विकास पुरुष के रूप में पहचाने जाने वाले और मुख्यमंत्री से पुरस्कृत ग्राम प्रधान अश्वनी कुमार राय के खिलाफ भ्रष्टाचार का मोर्चा खुल गया है। एमएलसी विशाल सिंह चंचल के खास वजीर माने जाने वाले प्रधान पर लगे इन आरोपों ने जनपद के सियासी पारे को गरमा दिया है।

सियासी रसूख बनाम सरकारी जांच

स्थानीय निवासी निर्भय नारायण राय ने पोर्टल के साक्ष्यों के साथ आईजीआरएस (IGRS) पर शिकायत दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जो प्रधान विकास की गाथा गाते नहीं थकते थे, उनके कार्यकाल में मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये निजी खातों में कैसे पहुंचे?

आरोपों के घेरे में प्रधान की कार्यप्रणाली:

  • खुद की मजदूरी: वर्ष 2021 में हैंडपंप मरम्मत की मजदूरी के ₹18,000 खुद प्रधान के खाते में क्रेडिट हुए।
  • टुनटुन का खाता: 15वें और राज्य वित्त आयोग से ₹29,41,199 की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई।
  • परमानंद सिंह: इनके खाते में भी ₹10,37,795 मजदूरी के नाम पर भेजे गए।



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