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ममता सरकार पर साधा निशाना; सीएम बोले- "पिछली सरकार ने अनैतिक रूप से रोकी थी जांच, अब कोई कानून से ऊपर नहीं"

by on | 2026-05-18 23:54:42

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ममता सरकार पर साधा निशाना; सीएम बोले- "पिछली सरकार ने अनैतिक रूप से रोकी थी जांच, अब कोई कानून से ऊपर नहीं"

कोलकाता | पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार रात आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की जूनियर डॉक्टर 'अभया' के साथ हुई बर्बरता और हत्या के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अस्पताल के कुख्यात पूर्व प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट संदीप घोष के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कानूनी कार्रवाई और अभियोजन चलाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।

​मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया  पर इसकी जानकारी साझा की। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

​भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चलेगा मुकदमा

​संदीप घोष पर न केवल घटना को दबाने बल्कि आरजी कर अस्पताल में टेंडर और चिकित्सा उपकरणों की खरीदारी में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

​क्या बदला: अब तक राज्य सरकार की अनुमति न मिलने के कारण ईडी कई कानूनी दांव-पेंचों में फंसी थी।

​आधिकारिक आदेश: नए आदेश के बाद अब ईडी संदीप घोष के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और अन्य संगीन धाराओं के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर मुकदमा चला सकेगी।

​ "बहन अभया की आत्मा को शांति मिले" – सीएम शुभेंदु

​मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाली और हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:

​"आज मुख्यमंत्री के रूप में मुझे यह नेक और सकारात्मक कदम उठाने का सौभाग्य मिला है। पिछली सरकार ने इस जांच को अनैतिक तरीके से लंबे समय तक रोक कर रखा था। लेकिन अब कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और सच्चाई छुप नहीं सकती। हमारा संकल्प है कि असली दोषियों को जल्द सख्त सजा मिले और बंगाल के लोग न्याय देख सकें।"

​ तीन IPS अधिकारी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड

​मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पद संभालने के बाद से ही इस मामले में बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। इस फैसले से ठीक पहले उन्होंने मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोप में तीन वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, जिसमें पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल भी शामिल हैं। इन पर पीड़िता के परिवार को रिश्वत देने की कोशिश और गुमराह करने का गंभीर आरोप है।

बंगाल में 'न्याय' की नई राजनीतिक बिसात

9 अगस्त 2024 को हुई उस भयावह घटना ने पूरे देश के डॉक्टरों और नागरिकों को सड़कों पर ला दिया था। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी का यह कदम यह संदेश देने की कोशिश है कि नई सरकार ममता बनर्जी के कार्यकाल के कथित 'कवर-अप' (मामले को दबाने के प्रयास) को पूरी तरह ध्वस्त कर रही है। पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल के निलंबन और अब संदीप घोष पर ईडी के अभियोजन को मंजूरी देकर शुभेंदु अधिकारी ने यह साफ कर दिया है कि वे 'अभया' के मुद्दे को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे, जो आगामी स्थानीय चुनावों में भी एक बड़ा सियासी हथियार बनेगा।



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