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मानसून और श्रावणी मेले से पहले 'एक्शन' में नगर विकास मंत्री: काशी को चमकाने और शिवभक्तों की राह आसान करने के लिए कसी कमर

by on | 2026-05-16 20:58:38

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मानसून और श्रावणी मेले से पहले 'एक्शन' में नगर विकास मंत्री: काशी को चमकाने और शिवभक्तों की राह आसान करने के लिए कसी कमर


वाराणसी: काशी को वैश्विक पटल पर एक स्वच्छ और सुंदर स्वरूप देने के लिए प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। आगामी मानसून और बाबा विश्वनाथ के प्रिय पावन 'श्रावणी मेले' को देखते हुए उन्होंने समय रहते कड़े और दूरदर्शी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री जी ने न केवल अधिकारियों की जवाबदेही तय की, बल्कि काशीवासियों को जलजमाव से मुक्ति दिलाने और देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों-दर्शनार्थियों की सुगम राह के लिए एक ठोस रोडमैप भी सामने रखा।

​जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा में कड़े फैसले: जमीन पर दिखेगा असर

​नगर विकास मंत्री का रुख इस बार बेहद सख्त और स्पष्ट है। उन्होंने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि नालों की सफाई में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी दूरदर्शिता इसी बात से दिखती है कि उन्होंने सिर्फ नालों से गाद (सिल्त) निकालने के निर्देश नहीं दिए, बल्कि उसे तुरंत वहां से हटाने के भी आदेश दिए हैं।

​चूंकि श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों और दर्शनार्थियों का हुजूम काशी की गलियों और मुख्य मार्गों पर उमड़ता है, इसलिए मंत्री जी ने साफ किया कि अगर लापरवाही हुई या सिल्ट सड़कों पर बिखरी रही, तो शिवभक्तों को परेशानी होगी। उन्होंने दोटूक कहा कि गंदगी मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी गाज गिरेगी। यह उनकी जनता और बाबा के दरबार में आने वाले भक्तों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

​'टॉप-3' का संकल्प और श्रावणी मेले की तैयारी

​वाराणसी को देश के टॉप-3 स्वच्छ शहरों में शामिल कराने और सावन के महीने में शहर को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:

  • गड्ढामुक्त सड़कें और कांवरिया मार्ग: मानसून और श्रावणी मेले से पहले आम जनता, पर्यटकों और नंगे पैर चलने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए सड़कों पर तत्काल पैचवर्क शुरू करने का आदेश दिया गया है।
  • हादसों पर लगाम: सावन में भीड़ बढ़ने के कारण सड़कों के किनारे पड़े निर्माण मलबे, ईंट और पत्थरों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राहगीरों और दर्शनार्थियों को कोई चोट न लगे और वे सुरक्षित सफर कर सकें।
  • बुनियादी ढांचे में सुधार और पेयजल: नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के नेतृत्व में शहर के 18 वार्डों में सीवर नेटवर्क को दुरुस्त करने और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए दिसंबर तक का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

​बेबाक राय

"नगर विकास मंत्री एके शर्मा का यह 'एक्शन मोड' यह साबित करता है कि सरकार न तो मानसून का इंतजार कर रही है और न ही श्रावणी मेले के ऐन वक्त पर जागने की आदी है। संकट और त्योहार से पहले ही समाधान ढूंढना एक कुशल नेतृत्व की पहचान है। कांवरियों के नंगे पैरों में छाले न पड़ें और काशीवासियों को जलजमाव न झेलना पड़े, इसके लिए अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करना यह भरोसा जगाता है कि इस बार सावन में काशी आने वाले दर्शनार्थियों को एक दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनारस की अनुभूति होगी।"


​बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, जलकल जीएम अनूप सिंह सहित पूरी प्रशासनिक टीम मौजूद रही। मंत्री जी के इन कड़े और जनहितैषी निर्देशों के बाद अब पूरा तंत्र पूरी मुस्तैदी से काशी को सुंदर, सुरक्षित और शिवभक्तों के स्वागत के लिए तैयार करने में जुट गया है।



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