by on | 2026-08-06 21:16:40
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3074
लखनऊ/बलिया: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक और पूर्वांचल में पार्टी के सबसे मजबूत स्तंभ उमाशंकर सिंह के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों और नेताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वयं उमाशंकर सिंह के आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
"जिंदगी भर वफादार रहे, कभी पार्टी से गद्दारी नहीं की"
मुलाकात के दौरान मायावती काफी भावुक नजर आईं। उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिंस युकेश सिंह को सांत्वना देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरा बसपा परिवार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
मायावती ने उमाशंकर सिंह के निष्ठावान राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा, "उमाशंकर जी ने जीवन के आखिरी समय तक पार्टी के प्रति जो ईमानदारी और समर्पण दिखाया, वह मिसाल है। जब बड़े-बड़े दिग्गज पाला बदल रहे थे, तब भी उन्होंने बसपा के प्रति अपनी निष्ठा कभी कम नहीं होने दी और न ही पार्टी को कभी धोखा दिया।"
कैंसर से लड़ी लंबी लड़ाई, चौथे स्टेज में हारा शरीर
रसड़ा (बलिया) विधानसभा सीट से लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) विधायक चुने गए उमाशंकर सिंह पिछले काफी समय से ब्रेन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे थे। उनका इलाज भारत के शीर्ष अस्पतालों के साथ-साथ अमेरिका में भी चला। तमाम डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद बीमारी चौथे चरण (Stage 4) में पहुंच चुकी थी। बुधवार शाम दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रसड़ा (बलिया) में पूर्ण सम्मान के साथ किया जाएगा।
2022 की आंधी में अकेले बचाई थी बसपा की साख
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बसपा का सूपड़ा साफ हो रहा था और पूरी पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई थी, तब वह इकलौती सीट रसड़ा ही थी, जहां से उमाशंकर सिंह ने अपनी पकड़ और जनसमर्थन के दम पर जीत दर्ज कर बसपा का खाता खोला था। 2011 में पार्टी में शामिल होने के बाद से वह पूर्वांचल में बसपा का सबसे बड़ा और विश्वसनीय चेहरा बने रहे।
ठेकेदारी से जनसेवा तक का सफर: पूर्वांचल में छोड़ी अमिट छाप
राजनीति में कदम रखने से पहले निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले उमाशंकर सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र में एक मददगार जनसेवक के रूप में जाने जाते थे। गरीबों की मदद, हर साल भव्य सामूहिक विवाह आयोजनों का संचालन और क्षेत्र में विकास कार्यों की बदौलत उन्होंने बलिया की राजनीति में अपना एक अलग और अटूट जनाधार तैयार किया था।
राजनीतिक विरासत पर टिकीं निगाहें
उमाशंकर सिंह अपने पीछे पत्नी पुष्पा सिंह, पुत्र प्रिंस युकेश सिंह और पुत्री यामिनी सिंह को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन के बाद अब पूर्वांचल में उनके राजनीतिक साम्राज्य और रसड़ा की विरासत को आगे ले जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'