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बुलडोजर एक्शन की तैयारी! 90 दिन में हटेगा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा

by on | 2026-10-20 21:56:05

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बुलडोजर एक्शन की तैयारी! 90 दिन में हटेगा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा

​प्रयागराज/लखनऊ:‌अरे भई, जरा कान खोलकर सुन लीजिए! उत्तर प्रदेश की ग्राम सभा और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे लोगों की अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसा कड़क और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। अदालत ने साफ-साफ कह दिया है कि अब सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!

​ अब चलेगा टाइमर: 60 दिन रिपोर्ट, 90 दिन में एक्शन!

​हाईकोर्ट के नए और सख्त निर्देशों के मुताबिक, पूरा हिसाब-किताब तय कर दिया गया है:

​ग्राम प्रधान और लेखपाल की पहली जिम्मेदारी: ग्राम सभा की जमीन पर जैसे ही अवैध कब्जे की भनक लगे, नियम 66 के तहत 60 दिन के भीतर तहसीलदार या न्यायिक तहसीलदार को पूरी रिपोर्ट सौंपनी होगी।


​तहसीलदार का एक्शन: धारा 67 के तहत नोटिस जारी करने के बाद, तहसीलदार महोदय को 90 दिन के अंदर-अंदर अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई धड़ल्ले से पूरी करनी होगी।


​अगर बिना किसी पुख्ता वजह के देरी हुई, तो सीधे विभागीय गाज गिरेगी!


​ प्रधान और लेखपाल भी अब सीधे 'नपेंगे'!

​अभी तक क्या होता था? जमीन दबंग दबा लेते थे और जिम्मेदार आंखें मूंद लेते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा! हाईकोर्ट ने दो टूक कह दिया है कि अगर लेखपाल और ग्राम प्रधान ने अपनी आंखें बंद रखीं या जानकारी दबाई, तो:

​उन पर सीधे विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की तलवार लटकेगी।


​हालात ऐसे बने तो ग्राम प्रधान को उनकी कुर्सी (पद) से भी हाथ धोना पड़ सकता है!


​इतना ही नहीं, आदेश की अनदेखी करने पर हाईकोर्ट में दीवानी अवमानना (Contempt of Court) का केस भी ठुक सकता है।


​ पुलिस का पहरा और सुनवाई का पूरा मौका

​अदालत ने साफ किया है कि राजस्व विभाग की इस मुहिम में पुलिस प्रशासन पूरी ताकत के साथ सहयोग करेगा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। साथ ही, पारदर्शिता का पूरा ख्याल रखा जाएगा—शिकायतकर्ता को हर कदम की जानकारी मिलेगी और कायदे से प्रभावित पक्ष को भी अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।

​"सरकारी संपत्ति देश और समाज की धरोहर है, उस पर कुंडली मारकर बैठने वालों और बचाने के नाम पर फाइलें दबाने वालों पर अब कानून का हंटर पूरी तेजी से चलेगा!"




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