ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

रूसी तेल पर टैरिफ को लेकर रुबियो का बयान, बोले- भारत अहम साझेदार

by on | 2026-10-18 13:19:18

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3000


रूसी तेल पर टैरिफ को लेकर रुबियो का बयान, बोले- भारत अहम साझेदार

वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित टैरिफ और प्रतिबंधों के प्रभाव का आकलन करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन 60 दिनों का समय लेना चाहता है। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार बताते हुए कहा कि ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों को रातोंरात बदलना आसान नहीं है।

रुबियो का यह बयान रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर शुल्क लगाने से जुड़े प्रस्तावों में छूट दिए जाने के बाद आया है। इन प्रस्तावों में भारत और चीन जैसे देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल था।

रुबियो बोले- ऊर्जा स्रोत बदलने में समय लगता है

रुबियो ने कहा कि भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश की है, लेकिन वह अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है। उनके मुताबिक, किसी देश के लिए एक दिन में ऊर्जा आपूर्ति के स्रोत बदलना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रतिबंधों और टैरिफ का असर केवल रूस पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद आगे का फैसला लेना चाहता है।

वैश्विक ऊर्जा संकट भी चिंता का विषय

रुबियो ने कहा कि अमेरिका बदलते भू-राजनीतिक हालात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को भी ध्यान में रख रहा है। उन्होंने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव, सऊदी अरब पर हूती समूह के हमलों तथा रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने का उल्लेख किया।

उनके अनुसार, इन घटनाओं का असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रतिबंधों और टैरिफ को लागू करने से पहले उनके संभावित परिणामों का आकलन करना जरूरी है।

ग्राहम कानून के तहत छूट का मामला

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने लिंडसे ओ. ग्राहम प्रतिबंध कानून की धारा 115 के तहत कुछ प्रतिबंधों और शुल्क से छूट दी है। इस कानून की धाराओं 112 और 113 में रूस से आयात होने वाले सामान पर 500% तक तथा रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले 5 बड़े देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान बताया गया है।

रुबियो इसी महीने भारत के दौरे पर आने वाले हैं। उनके कार्यक्रम में गुजरात के जामनगर स्थित रिफाइनरी का दौरा भी शामिल बताया गया है।

रूस से डीजल आपूर्ति का भी जिक्र

यह घटनाक्रम ट्रंप के उस बयान के बाद भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने रूस से डीजल आपूर्ति समझौते का उल्लेख किया था। ट्रंप के अनुसार, रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर उसके तुरंत बाद 10 लाख टन ईंधन भेजे जाने की बात कही गई।

बेबाक24 टेक

रूसी ऊर्जा खरीद पर टैरिफ को लेकर अमेरिका का रुख भारत के लिए महत्वपूर्ण है। रुबियो के बयान से संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन प्रतिबंधों के आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों का आकलन करने के बाद आगे की नीति तय करना चाहता है। फिलहाल प्रस्तावित शुल्कों और छूट के दीर्घकालिक प्रभावों पर नजर रहेगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment