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ट्रंप ने रूस-ईरान प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर 100% तक शुल्क का प्रावधान

by admin@bebak24.com on | 2026-09-19 17:59:19

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ट्रंप ने रूस-ईरान प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर 100% तक शुल्क का प्रावधान

वाशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून के तहत रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले कुछ देशों के सामान पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है। भारत और चीन भी इस प्रावधान के संभावित दायरे में आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल दोनों देशों पर 100% शुल्क लगाए जाने का कोई फैसला नहीं हुआ है।

18 सितंबर को कानून पर हस्ताक्षर

व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को एचआर 5334 को कानून का रूप दिया। यह कानून हस्ताक्षर के 30 दिन बाद प्रभावी होगा। इसमें रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने के साथ ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने का प्रावधान है।

कानून के तहत रूस के ऊर्जा क्षेत्र, रक्षा उद्योग से जुड़े सहयोगियों और उसके तेल कारोबार में मदद करने वाले विदेशी पक्षों पर भी कार्रवाई का रास्ता तैयार किया गया है।

भारत-चीन पर कैसे लग सकता है शुल्क?

कानून राष्ट्रपति को ऐसे देशों से आने वाले सामान पर 100% तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है, जो निर्धारित अवधि में रूस से कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहे हों।

भारत और चीन का नाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदते हैं। हालांकि, कानून राष्ट्रपति को यह तय करने की शक्ति देता है कि किस देश पर कार्रवाई की जाए और शुल्क की दर कितनी रखी जाए।

इसलिए कानून का पारित होना अपने आप में भारत या चीन पर 100% शुल्क लागू होने के बराबर नहीं है।

रूस के 'छद्म बेड़े' पर भी कार्रवाई

कानून में रूस के कथित 'छद्म बेड़े' से जुड़े लोगों और संस्थाओं को भी निशाना बनाया गया है। इसमें ऐसे जहाजों के मालिक, संचालक, प्रबंधक और बीमा कंपनियां शामिल हो सकती हैं, जिनका इस्तेमाल रूसी ऊर्जा कारोबार या प्रतिबंधों से बचने के लिए किए जाने का आरोप है।

इसके अलावा रूस के ऊर्जा उत्पादन में सहायता करने या प्रतिबंधों से बचने में सहयोग देने वाले विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

गैस आयात को लेकर छूट का प्रावधान

कानून में रूसी गैस खरीदने वाले कुछ देशों के लिए एक अपवाद भी रखा गया है। यदि किसी देश का रूसी गैस आयात संबंधित अवधि में रूस के कुल गैस निर्यात के 15% से कम रहा हो और उसने रूसी गैस खरीद घटाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हों, तो उसे गैस से जुड़े शुल्क से छूट मिल सकती है।

बेबाक24 की राय: नए अमेरिकी कानून ने रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों के लिए संभावित व्यापारिक जोखिम बढ़ा दिया है। भारत के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कानून अभी केवल 100% तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है; भारत पर ऐसा शुल्क लागू किए जाने का फैसला अलग से होना है। आगे अमेरिकी प्रशासन के फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार और ऊर्जा खरीद पर इसका वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होगा।



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