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कपड़े के बैग से खुला फर्जी डिग्री रैकेट, महाराष्ट्र में 3 गिरफ्तार

by admin@bebak24.com on | 2026-08-29 12:07:44

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कपड़े के बैग से खुला फर्जी डिग्री रैकेट, महाराष्ट्र में 3 गिरफ्तार

मुंबई/चंद्रपुर | बेबाक24 न्यूज़

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र बनाने और बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि पूरे रैकेट का सुराग एक साधारण कपड़े के बैग से मिला, जिसे एक आरोपी ने कई महीनों से अपने पड़ोसी के घर में रखा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, बैग की तलाशी में कई विश्वविद्यालयों के नाम से तैयार संदिग्ध अंकतालिकाएं, डिप्लोमा और स्थानांतरण प्रमाणपत्र मिले। शुरुआती जांच में दस्तावेजों पर लगी मुहर और हस्ताक्षरों को संदिग्ध पाया गया है।

पड़ोसी को बैग पर हुआ शक

मामला चंद्रपुर के दुर्गापुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक आरोपी परिमल गौरकर ने जनवरी में एक कपड़े का बैग अपने पड़ोसी के घर रखने के लिए दिया था। वह बीच-बीच में बैग से कागजात निकालने आता था, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी बैग वापस नहीं ले गया।

इसके बाद पड़ोसी वैभव मशिरकर को संदेह हुआ। उन्होंने बैग खोला तो उसमें बड़ी संख्या में शैक्षणिक प्रमाणपत्र देखकर पुलिस को सूचना दी।

लाखों रुपये में तैयार होते थे प्रमाणपत्र

जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर बिना परीक्षा दिए नामी विश्वविद्यालयों की डिग्री और अन्य प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता था। इसके बदले 5 लाख से 10 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है।

पुलिस ने बैग से संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय, सोलापुर विश्वविद्यालय, गोंडवाना विश्वविद्यालय और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों के नाम से तैयार दस्तावेज बरामद किए हैं।

नौकरी और दाखिले में इस्तेमाल की आशंका

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल नौकरी पाने, शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने अथवा पदोन्नति हासिल करने के लिए किया जा सकता है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, लेनदेन और संभावित ग्राहकों की जानकारी जुटा रही है।

जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए जाते थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस महाराष्ट्र से बाहर इसके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।

पेपर लीक मामले से भी जुड़ा महाराष्ट्र में विवाद

महाराष्ट्र में इसी दौरान परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अलग मामला भी चर्चा में है। एमपीएससी की औषधि निरीक्षक भर्ती परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में सोशल मीडिया पर सामने आई बातचीत और दस्तावेजों के आधार पर जांच हुई थी।

इस प्रकरण में शिकायतकर्ता ऋषिकेश बनगरडे ने कथित प्रश्नपत्र और बातचीत से जुड़े दस्तावेज आयोग के सामने रखे थे। बाद में एक प्रमुख गवाह अपने शुरुआती दावे से पीछे हट गया, जिसके बाद विवाद और गहरा गया। मामला आगे बढ़ा तो पुलिस की अपराध शाखा ने जांच संभाली और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई।

महाराष्ट्र में एक के बाद एक सामने आ रहे ऐसे मामलों ने भर्ती परीक्षाओं और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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