ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राज्य उत्तर प्रदेश

एसएन मेडिकल कॉलेज हादसा: प्लास्टर गिरने से घायल मासूम की मौत, शासन ने मांगी रिपोर्ट

by admin@bebak24.com on | 2026-08-24 10:35:41

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3023


एसएन मेडिकल कॉलेज हादसा: प्लास्टर गिरने से घायल मासूम की मौत, शासन ने मांगी रिपोर्ट

आगरा | बेबाक24 न्यूज़

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में छत का प्लास्टर गिरने से घायल हुए 10 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। घटना को लेकर उठे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश शासन ने बच्चे के इलाज से संबंधित रिपोर्ट तलब की है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुराने भवनों की स्थिति की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

19 अगस्त को इमरजेंसी में भर्ती हुआ था बच्चा

अलीगढ़ निवासी और डीवीवीएनएल में सहायक अभियंता के पद पर तैनात आमिर रिजवी अपने 10 वर्षीय बेटे उमेर के साथ आगरा के खंदारी क्षेत्र में रहते हैं। बच्चे को बुखार और सांस लेने में परेशानी के बाद 19 अगस्त को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था।

बताया गया कि शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे वार्ड की छत से प्लास्टर का एक हिस्सा अचानक बच्चे के सिर पर गिर गया। घटना में बच्चा घायल हो गया।

इलाज के दौरान अगले दिन हुई मौत

परिवार के मुताबिक, प्लास्टर गिरने की घटना के बाद बच्चे का इलाज जारी रहा, लेकिन शनिवार सुबह करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए।

हालांकि, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बच्चे की मौत को निमोनिया और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से जोड़ा है। अस्पताल प्रशासन ने प्लास्टर गिरने की घटना और मौत के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है।

शासन ने मांगी इलाज की पूरी रिपोर्ट

मामले के तूल पकड़ने के बाद शासन ने बच्चे के इलाज, जांच और चिकित्सा प्रक्रिया से संबंधित रिपोर्ट मांगी है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, उपचार और जांच से जुड़े दस्तावेज शासन को भेजे जा चुके हैं।

अब सरकारी स्तर पर यह देखा जाएगा कि बच्चे की मौत के पीछे वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या थे और प्लास्टर गिरने की घटना का उसकी स्थिति पर कितना प्रभाव पड़ा।

चार पुराने भवनों का होगा ऑडिट

घटना के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी और एकेडमिक ब्लॉक समेत चार पुराने भवनों के ऑडिट का फैसला लिया है।

इसके लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति में उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. मनीष बंसल और लोक निर्माण विभाग के 2 इंजीनियर शामिल हैं।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार समिति को 3 दिन के भीतर ऑडिट रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट आने के बाद भवनों की सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बच्चा वार्ड को भूतल पर किया जाएगा स्थानांतरित

भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम करने के लिए इमरजेंसी में संचालित बच्चा वार्ड को भूतल पर शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। यहां 16 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, इमरजेंसी की पहली मंजिल पर स्थित बच्चा वार्ड की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही उस हिस्से को दोबारा चिकित्सा सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

राजनीतिक विरोध के बाद बढ़ा दबाव

प्लास्टर गिरने से बच्चे के घायल होने और बाद में मौत के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की इमारतों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

बेबाक24 का नजरिया

एसएन मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी सरकारी चिकित्सा संस्था में इलाज के दौरान मरीज की सुरक्षा से जुड़ी घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चे की मौत का वास्तविक कारण जांच और चिकित्सकीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन पुराने भवनों का तत्काल ऑडिट और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी कदम हैं। अब शासन की रिपोर्ट और भवन ऑडिट के निष्कर्षों पर सबकी नजर रहेगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment