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यशस्वी-असिथा की भिड़ंत पर भड़के अजय जडेजा, बोले- खुद पर नहीं ले सकते तो दूसरों से भी मत कहो

by admin@bebak24.com on | 2026-08-24 10:35:38

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यशस्वी-असिथा की भिड़ंत पर भड़के अजय जडेजा, बोले- खुद पर नहीं ले सकते तो दूसरों से भी मत कहो

कोलंबो | बेबाक24 न्यूज़

भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन क्रिकेट से ज्यादा चर्चा मैदान पर हुए एक विवाद की रही। भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच आउट होने के बाद तीखी बहस हो गई। मामला कुछ ही पल में इतना बढ़ गया कि दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और शारीरिक संपर्क की स्थिति भी बन गई।

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने यशस्वी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें मैदान पर संयम और खेल भावना बनाए रखने की सलाह दी।

3 चौकों के बाद यशस्वी को किया आउट

घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर की है। असिथा फर्नांडो की गेंदों पर यशस्वी जायसवाल ने लगातार 3 चौके लगाए। हालांकि, ओवर की आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने यशस्वी को आउट कर दिया।

विकेट लेने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाज ने यशस्वी को सेंड-ऑफ दिया। इससे नाराज भारतीय बल्लेबाज पवेलियन की ओर लौटते हुए अचानक पीछे मुड़े और फर्नांडो से बहस करने लगे।

देखते ही देखते दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के सिर भी आपस में टकराए और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा और अन्य खिलाड़ियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया।

अजय जडेजा ने क्यों जताई नाराजगी?

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय जडेजा ने कहा कि मैदान पर हल्की-फुल्की नोकझोंक क्रिकेट का हिस्सा हो सकती है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए।

जडेजा ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी खुद पर कही गई बात को स्वीकार नहीं कर सकता, तो उसे वही बात विरोधी खिलाड़ी के लिए भी नहीं कहनी चाहिए। उनका संदेश साफ था कि मैदान पर आक्रामकता हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर जाने से बचना जरूरी है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले मुकाबले में यशस्वी खुद विपक्षी खिलाड़ी से बातचीत करते हुए मैदान पर मजाकिया अंदाज में नजर आए थे। जडेजा के मुताबिक, ऐसी नोकझोंक तभी तक अच्छी लगती है, जब तक उसमें भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनी रहे।

बल्लेबाजी कोच ने भी मानी यशस्वी से हुई चूक

भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी माना कि यशस्वी को फर्नांडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मैच के तनावपूर्ण माहौल में ऐसी घटनाएं अचानक हो सकती हैं।

कोटक के अनुसार, संभव है कि फर्नांडो ने कोई टिप्पणी की हो और उसी समय के जोश में बात बढ़ गई हो। फिर भी उन्होंने माना कि यशस्वी का इस तरह गेंदबाज के काफी करीब जाना उचित नहीं था।

क्या आईसीसी ले सकती है कार्रवाई?

इस विवाद में सबसे अहम बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क हुआ। ऐसे मामलों में आईसीसी की आचार संहिता के तहत कार्रवाई की संभावना बनी रहती है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मैच अधिकारियों की रिपोर्ट में इस घटना को किस तरह दर्ज किया जाता है और क्या दोनों खिलाड़ियों पर जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।

यशस्वी के तेवर फिर चर्चा में

यशस्वी जायसवाल अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ मैदान पर मुखर अंदाज के लिए भी पहचाने जाते हैं। हालांकि इस बार मामला सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रहा और विवाद शारीरिक टकराव तक पहुंच गया।

भारत के लिए राहत की बात यह रही कि विवाद के बावजूद टीम ने पहले दिन का खेल संभालकर रखा। लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर उठी बहस ने टेस्ट मुकाबले में एक अलग ही कहानी जरूर जोड़ दी।

बेबाक24 का नजरिया

क्रिकेट में जुनून, आक्रामकता और प्रतिस्पर्धा खेल का हिस्सा हैं, लेकिन खेल भावना की सीमा पार होते ही मुकाबले का असली रोमांच विवाद में बदल सकता है। यशस्वी और असिथा की घटना ने यही सवाल खड़ा किया है कि खिलाड़ियों को कितनी आक्रामकता तक जाने की अनुमति होनी चाहिए। अब मैदान के भीतर हुए इस विवाद का अंतिम फैसला मैच अधिकारियों और आईसीसी की कार्रवाई से तय होगा।



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