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पूर्वांचल में बाढ़ का संकट: प्रयागराज में स्थिर तो काशी में घटीं गंगा, पर मंडरा रहा दोबारा उफान का खतरा

by on | 2026-08-23 23:55:14

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पूर्वांचल में बाढ़ का संकट: प्रयागराज में स्थिर तो काशी में घटीं गंगा, पर मंडरा रहा दोबारा उफान का खतरा

वाराणसी/प्रयागराज। धर्मनगरी काशी से लेकर तीर्थराज प्रयागराज तक उफनाती नदियों के रुख में भले ही मामूली नरमी आई हो, लेकिन बाढ़ का वास्तविक संकट अभी टला नहीं है। प्रयागराज में यमुना के स्थिर होने और काशी में गंगा के जलस्तर में हल्की गिरावट के बावजूद निचले इलाकों, गलियों और सड़कों पर जमा पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है।

प्रयागराज: हनुमान मंदिर के करीब पानी, बैराजों से आ रहा 9 लाख क्यूसेक जल

जलस्तर का रुझान: फाफामऊ में गंगा 81.27 मीटर और नैनी में यमुना 80.63 मीटर पर हैं। प्रयागराज में खतरे का निशान 84.73 मीटर है।


महास्नान के करीब संकट: बाढ़ का पानी लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर की चहारदीवारी तक पहुंच चुका है। मात्र 50 सेमी जलस्तर और बढ़ा तो इस सीजन में बड़े हनुमान जी का महास्नान हो जाएगा।


बैराजों का दबाव: कानपुर, हथिनीकुंड, माताटीला, नरौरा और हरिद्वार बैराजों से कुल मिलाकर लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है, जिससे दोबारा उफान का खतरा बना हुआ है।


काशी: जलस्तर में 2 सेमी/घंटे की गिरावट, पर तटीय इलाकों में घुसा पानी

ताजा स्थिति: रविवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 71.15 मीटर दर्ज किया गया। बीते 10 घंटों में 17 सेमी की कमी के साथ शाम तक यह 70.98 मीटर पर पहुंचा।


गलियों में बाढ़: घटने की रफ्तार (~2 सेमी/घंटा) के बावजूद गंगा का पानी घाटों को लांघकर तटीय बस्तियों, गलियों और सड़कों तक फैल चुका है।


सुरक्षा व राहत: NDRF की अतिरिक्त टीमें मुस्तैद हैं। सावन के कारण महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस बल तैनात किया गया है। राहत टीमों ने अब तक 96 लोगों को सुरक्षित निकाला है।


प्रशासनिक अलर्ट

दोनों जिलों का प्रशासन हाई अलर्ट पर है। प्रयागराज में बाढ़ शरणालयों को तैयार रखकर हेल्पलाइन जारी की गई है (0532-2641577 / 2641578), वहीं वाराणसी में पहाड़ों पर हो रही बारिश के मद्देनजर स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।



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