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लखनऊ के शीतला मंदिर में भेदभाव का आरोप: मलिहाबाद विधायक ने उठाए सवाल, मंदिर प्रबंधन ने आरोप नकारे

by admin@bebak24.com on | 2026-08-20 15:38:13

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लखनऊ के शीतला मंदिर में भेदभाव का आरोप: मलिहाबाद विधायक ने उठाए सवाल, मंदिर प्रबंधन ने आरोप नकारे

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

लखनऊ के काकोरी स्थित शीतला मंदिर में बुधवार को पूजा और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कथित भेदभाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर प्रशासन पर पूजा के दौरान उचित सम्मान नहीं देने और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।

विधायक के बेटे विकास किशोर की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद मामला और गर्म हो गया। इसके बाद आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय भारती कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। हालांकि, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर में सभी जाति और वर्ग के लोगों के साथ समान व्यवहार किया जाता है।

पूजा के दौरान भेदभाव का आरोप

विधायक जय देवी कौशल का आरोप है कि शिलान्यास और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उन्हें पूजा के समय खड़ा रखा गया और उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया जिसकी वह अपेक्षा कर रही थीं।

उनके बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर मंदिर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे कथित जातिगत भेदभाव से जोड़ा। उन्होंने पूजा की प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई।

मंत्रोच्चार को लेकर भी सवाल

विधायक के पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि पूजा की जिम्मेदारी पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी निभा रहे थे, जबकि मंत्रों का उच्चारण मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता कर रहे थे।

इसी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस संबंध में मंदिर प्रशासन की ओर से अलग से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 76 लाख रुपये मंजूर

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब विधायक के प्रयास से पर्यटन विभाग ने शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 76 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

बुधवार के कार्यक्रम में विधायक के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित साहू, जिला कार्यालय मंत्री, मंडल अध्यक्ष विपिन राजपूत, सभासद प्रतिनिधि लवकुश यादव, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता और पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी मौजूद थे।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद

विधायक के बेटे की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद आरोपों ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय भारती कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।

मामले की सूचना मिलने पर काकोरी के इंस्पेक्टर सतीश राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।

मंदिर प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया

मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता ने विधायक और उनके परिवार की ओर से लगाए गए भेदभाव के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि शीतला मंदिर सभी जातियों और वर्गों के श्रद्धालुओं के लिए खुला है और वहां किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया जाता।

मंदिर प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद मामला फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच बना हुआ है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

मंदिर में पूजा के दौरान वास्तव में क्या हुआ, क्या किसी व्यक्ति के साथ जानबूझकर भेदभाव किया गया और पूजा की व्यवस्था किस प्रोटोकॉल के तहत की गई थी—इन सवालों पर स्थिति तभी पूरी तरह स्पष्ट होगी जब संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच होगी।

फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली है। विवाद के आगे बढ़ने पर प्रशासन दोनों पक्षों के दावों की जांच कर सकता है।

बेबाक24 का नजरिया

धार्मिक स्थलों पर किसी भी तरह के जातिगत भेदभाव के आरोप बेहद संवेदनशील होते हैं। विधायक की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने उन्हें स्पष्ट रूप से खारिज किया है। ऐसे में बिना जांच के किसी एक पक्ष को सही मानना उचित नहीं होगा।

बेबाक24 का मानना है कि मंदिर जैसे सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर सभी श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित होना चाहिए। यदि भेदभाव हुआ है तो निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, और यदि आरोप गलत हैं तो तथ्य भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किए जाने चाहिए।



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