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अभिजीत दीपके का पीएम केयर्स फंड पर सवाल: बोले- स्कूलों की बदहाली दूर करने में क्यों नहीं हो इस्तेमाल?

by admin@bebak24.com on | 2026-08-19 17:14:17

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अभिजीत दीपके का पीएम केयर्स फंड पर सवाल: बोले- स्कूलों की बदहाली दूर करने में क्यों नहीं हो इस्तेमाल?

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पीएम केयर्स फंड में जमा राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि जब देश के कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, तो फंड में मौजूद राशि का इस्तेमाल स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा।

दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पीएम केयर्स फंड में करीब 8500 करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर इस्तेमाल नहीं हुई है। उन्होंने इस रकम को सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगाने की मांग की।

‘बच्चे स्कूल की सड़क और पानी के लिए परेशान’

अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के कई हिस्सों में बच्चों को स्कूल तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क, बैठने के लिए उचित बेंच और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक तरफ स्कूलों में सुविधाओं की कमी की शिकायतें हैं, तो दूसरी तरफ इतनी बड़ी रकम के इस्तेमाल को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

8500 करोड़ से 1000 से ज्यादा स्कूल बनाने का दावा

दीपके ने अपने बयान में एक अनुमान देते हुए कहा कि अगर एक मॉडल स्कूल के निर्माण में करीब 8 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, तो 8500 करोड़ रुपये से 1000 से ज्यादा ऐसे स्कूल बनाए जा सकते हैं।

हालांकि, यह उनका गणितीय अनुमान है और वास्तविक लागत स्थान, निर्माण मानकों, भूमि तथा परियोजना के दायरे के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

गांवों के स्कूलों का उदाहरण दिया

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्होंने हाल में ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। उनके मुताबिक, वहां कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी दिखाई दी।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों से स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल करने पर उन्हें कथित तौर पर ‘फंड नहीं है’ जैसे जवाब मिले।

इसी आधार पर दीपके ने लोगों से पीएम केयर्स फंड के इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछने की अपील की।

15 अगस्त से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान

कॉकरोच जनता पार्टी ने 15 अगस्त से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की बात कही है। पार्टी का दावा है कि इस अभियान के जरिए देशभर के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई जाएगी।

दीपके इसी अभियान के तहत स्कूलों की स्थिति और उपलब्ध सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

बेबाक24 का नजरिया

सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा सीधे बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा है। अभिजीत दीपके ने पीएम केयर्स फंड के इस्तेमाल को स्कूलों से जोड़ने की मांग उठाई है, लेकिन फंड में उपलब्ध राशि और उसके वास्तविक उपयोग को लेकर आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

बेबाक24 का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक फंड के बारे में सबसे जरूरी सवाल पारदर्शिता का है—कितनी राशि उपलब्ध है, कहां खर्च हुई और कितनी राशि किस उद्देश्य के लिए रखी गई है। अगर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, तो सरकार को उसके लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों और खर्च की प्राथमिकताओं पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।



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