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त्विषा शर्मा केस: ‘जिंदगी खत्म करने के अलावा विकल्प नहीं बचा था’, CBI चार्जशीट में पति और सास पर गंभीर आरोप

by admin@bebak24.com on | 2026-08-18 12:32:01

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त्विषा शर्मा केस: ‘जिंदगी खत्म करने के अलावा विकल्प नहीं बचा था’, CBI चार्जशीट में पति और सास पर गंभीर आरोप

भोपाल | बेबाक24 न्यूज़

भोपाल की त्विषा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके पति समर्थ सिंह और सास, पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। CBI ने आरोप लगाया है कि दोनों की ओर से कथित लगातार मानसिक क्रूरता और प्रताड़ना के चलते त्विषा ऐसी स्थिति में पहुंच गई थीं, जहां उनके पास अपनी जिंदगी खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

जांच एजेंसी ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप लगाए हैं। हालांकि, दहेज मृत्यु से जुड़े पहलू की जांच भी आगे जारी रखने की बात कही गई है।

CBI ने क्या आरोप लगाए?

CBI के मुताबिक, शादी के बाद समर्थ सिंह ने कई मौकों पर त्विषा के साथ मानसिक क्रूरता की और उनके लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि गिरिबाला सिंह समय-समय पर अपने बेटे को त्विषा के साथ मानसिक क्रूरता करने के लिए उकसाती थीं।

जांच एजेंसी का दावा है कि जब त्विषा अपने पति के व्यवहार की शिकायत सास से करती थीं, तो वह अपने बेटे का बचाव करती थीं।

CBI के अनुसार, दोनों ने मिलकर त्विषा को मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान किया।

शादी से लेकर विवाद तक क्या हुआ?

चार्जशीट के मुताबिक, त्विषा और समर्थ की मुलाकात फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। मार्च 2025 में त्विषा ने अपने परिवार को समर्थ के बारे में बताया और उनसे शादी की इच्छा जताई।

दोनों परिवारों की सहमति के बाद 9 दिसंबर 2025 को उनकी शादी हुई। CBI के अनुसार, शादी का पूरा खर्च त्विषा के परिवार ने उठाया था।

जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में त्विषा के पिता को दिल का दौरा पड़ा था। उनके इलाज और सर्जरी के दौरान त्विषा पिता के साथ रहीं। CBI का आरोप है कि इस दौरान उन पर भोपाल लौटने का दबाव बनाया गया और वह 24 मार्च 2026 को भोपाल वापस आईं।

गर्भावस्था के बाद बढ़ा विवाद

CBI के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को त्विषा को अपनी गर्भावस्था का पता चला। अगले दिन वह समर्थ के साथ भोपाल के अस्पताल गईं, जहां गर्भावस्था की पुष्टि हुई।

चार्जशीट के अनुसार, त्विषा गर्भावस्था को लेकर तुरंत फैसला नहीं लेना चाहती थीं और इसके लिए समय मांग रही थीं। इसी मुद्दे पर 17 अप्रैल को समर्थ और त्विषा के बीच विवाद हुआ।

CBI का दावा है कि इस दौरान समर्थ ने त्विषा के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और वह ससुराल का घर छोड़कर चली गईं।

हालांकि, गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने इन आरोपों से अलग पक्ष रखा है। उनके मुताबिक, जांच में दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चिकित्सकों के बयानों में गर्भपात और उससे जुड़े विवाद का उल्लेख है।

20 लाख रुपये के निवेश को लेकर भी विवाद

CBI की चार्जशीट में त्विषा के करीब 20 लाख रुपये के निवेश का भी उल्लेख है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपियों को त्विषा के शेयर बाजार में निवेश की जानकारी थी और उन पर यह रकम समर्थ के साथ संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। यह संयुक्त खाता अप्रैल 2026 में खोला गया था।

CBI का दावा है कि रकम को चीनी शेयर बाजार में निवेश करने की योजना थी, लेकिन त्विषा ने पैसे ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यह रकम उनके पिता की है।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि नौकरी जाने के बाद समर्थ त्विषा का मजाक उड़ाते थे और उनकी अंग्रेजी को लेकर टिप्पणी करते थे।

मौत से पहले की रात क्या हुआ?

CBI ने 12 मई 2026, यानी त्विषा की मौत वाली रात की घटनाओं को भी चार्जशीट में विस्तार से दर्ज किया है।

जांच के मुताबिक, रात करीब 7:51 बजे त्विषा ने अपनी भाभी राशि अबरोल से फोन पर बात की। उन्होंने कथित तौर पर बताया कि वह वापस आने का फैसला कर चुकी हैं और समर्थ उन पर अपने निवेश को ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं।

करीब 9:20 बजे दोबारा बातचीत के दौरान वह कथित तौर पर रो रही थीं। CBI के अनुसार, उन्होंने बताया कि कमर में दर्द होने के कारण उन्होंने समर्थ से बेडरूम में सोने का अनुरोध किया था, जिसके बाद वह कथित तौर पर आक्रामक हो गए।

करीब 9:36 बजे त्विषा ने राशि को एक संदेश भेजा। CBI ने इसे चार्जशीट में दर्ज किया है और इसे उनकी मानसिक स्थिति से जोड़कर देखा है।

इसके बाद CCTV फुटेज के मुताबिक, करीब 9:40 बजे त्विषा अकेले छत की ओर जाती दिखाई दीं।

करीब 9:41 बजे उन्होंने अपने पिता को व्हॉट्सऐप कॉल किया। CBI के अनुसार, वह रो रही थीं और उन्होंने समर्थ के कथित आक्रामक व्यवहार की शिकायत करते हुए परिवार से जल्द आने को कहा।

करीब 10:05 बजे उन्होंने अपनी मां से भी फोन पर बात की। चार्जशीट के मुताबिक, मां ने उन्हें रोते हुए पाया।

CBI का निष्कर्ष क्या है?

CBI के मुताबिक, 12 मई 2026 को त्विषा ने कथित तौर पर आत्महत्या की। जांच एजेंसी ने उनकी डायरी, CCTV फुटेज और अन्य सामग्री के आधार पर फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिक आकलन और व्यवहार विश्लेषण भी कराया।

चार्जशीट में दावा किया गया है कि जांच में त्विषा के लगातार मानसिक दबाव, निराशा और ससुराल से सहयोग नहीं मिलने जैसी परिस्थितियों के संकेत मिले।

CBI ने आरोप लगाया है कि पति और सास की कथित लगातार मानसिक क्रूरता के कारण त्विषा के सामने अपनी जिंदगी खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

जांच अभी पूरी नहीं हुई

CBI ने त्विषा के आईफोन का डेटा केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। एजेंसी के मुताबिक, फोन से आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त सामग्री, संभावित अन्य आरोपियों या नए गवाहों से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।

आरोपियों के घर से मिले DVR का डेटा भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट अभी लंबित है।

त्विषा के परिवार के वकील अंकुर पांडे के मुताबिक, CBI ने आगे की जांच की अनुमति मांगी है और जरूरत पड़ने पर पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।

वहीं, गिरिबाला सिंह के वकील ने CBI के आरोपों से अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि दहेज प्रताड़ना और दहेज मृत्यु के आरोपों के समर्थन में जांच में सबूत नहीं मिले। ऐसे में मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बावजूद दहेज मृत्यु से जुड़े पहलू और लंबित फॉरेंसिक रिपोर्ट आगे की जांच में अहम भूमिका निभा सकती हैं।



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