मुंबई | बेबाक24 न्यूज़
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सरोगेट तंबाकू विज्ञापनों के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर दिया है। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ कहा है कि विज्ञापन से जुड़ी पूरी श्रृंखला में शामिल हर व्यक्ति नियमों के प्रति जवाबदेह है।
मुंढे ने कहा कि नियम सभी के लिए समान हैं और उल्लंघन मिलने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
‘विज्ञापन की पूरी चेन में हर कोई जिम्मेदार’
पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में तुकाराम मुंढे ने कहा कि किसी विज्ञापन को तैयार करने, प्रकाशित करने या उसका प्रायोजन करने से जुड़े सभी पक्षों की जिम्मेदारी तय हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल किसी एक व्यक्ति या कंपनी तक सीमित नहीं है।
FDA कमिश्नर के मुताबिक, किसी उत्पाद का प्रचार करते समय विज्ञापनदाताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के विज्ञापन और दावों से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।
शाहरुख, अजय और टाइगर को क्यों भेजा गया नोटिस?
महाराष्ट्र FDA ने बॉलीवुड के इन तीनों सितारों को विमल इलायची के विज्ञापन में ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर शामिल होने को लेकर नोटिस जारी किया है। विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला या तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार की श्रेणी में तो नहीं आता।
FDA ने कंपनी के पुराने कारोबार और उससे जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। इसी आधार पर विज्ञापन को संभावित तौर पर प्रतिबंधित उत्पाद के विकल्प के रूप में प्रचारित किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।
2018 में बने नियम, 2019 से लागू
मुंढे ने बताया कि विज्ञापन और भ्रामक दावों से संबंधित खाद्य सुरक्षा नियम 2018 में अस्तित्व में आए थे और 1 जुलाई 2019 से लागू हुए।
इन नियमों के तहत किसी भी उत्पाद का प्रचार करते समय ऐसे दावे या प्रस्तुति नहीं की जा सकती, जो उपभोक्ता को गुमराह करे। यह प्रावधान भौतिक विज्ञापन, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, सोशल मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों पर भी लागू होता है।
नियम तोड़े तो भेजा जाएगा नोटिस
FDA कमिश्नर ने कहा कि अगर किसी विज्ञापनदाता या उससे जुड़े पक्ष को नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति या संस्था से पूछा जाएगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
इसका मतलब यह है कि जांच का दायरा केवल विज्ञापन में नजर आने वाली हस्तियों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि विज्ञापन तैयार करने और उसे प्रसारित करने से जुड़े अन्य पक्षों की भूमिका भी जांची जा सकती है।
खाद्य कारोबार पर भी FDA की कार्रवाई तेज
सरोगेट विज्ञापनों के मामले के साथ ही महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यभर में कार्रवाई तेज की है। विभाग ने त्वरित वाणिज्य मंचों, होटल, रेस्तरां, भोजनालयों और ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है।
चेंबूर स्थित एक गोदाम में फ्रूटी, ऐपी और एप्पल फिज के एक्सपायर्ड उत्पाद मिलने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित किया गया। इसके अलावा ब्लिंकइट, ज़ेप्टो और इंस्टामार्ट से जुड़े कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की गई है।
86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 60 सुधार नोटिस
FDA के अनुसार, 13 अगस्त को महाराष्ट्र में ऑनलाइन माध्यम से भोजन बेचने और पहुंचाने वाले 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 60 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि एक प्रतिष्ठान का संचालन अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया गया।
FDA के सख्त रुख के बाद अब निगाह इस बात पर है कि विमल इलायची विज्ञापन मामले में नोटिस पाने वाले सितारों और विज्ञापन से जुड़े अन्य पक्षों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और जांच के बाद विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।