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भारत पर 100 फ़ीसदी शुल्क की आशंका के बीच प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस की हुई बातचीत, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

by admin@bebak24.com on | 2026-08-09 14:49:22

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भारत पर 100 फ़ीसदी शुल्क की आशंका के बीच प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस की हुई बातचीत, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारत पर संभावित 100 फ़ीसदी अमेरिकी शुल्क की चर्चाओं के बीच शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच दूरभाष पर बातचीत हुई। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी सीनेट रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक को मंजूरी दे चुकी है।

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सार्वजनिक प्रतिक्रिया में रूस, प्रस्तावित शुल्क या प्रतिबंधों का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, नई प्रौद्योगिकी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को और आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।

उन्होंने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को हाल ही में पुत्र रत्न की प्राप्ति पर शुभकामनाएं भी दीं तथा पूरे परिवार के सुखद भविष्य की कामना की।

विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों की समीक्षा की।

बयान के अनुसार, बातचीत के दौरान व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति तथा आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की गई।

फिलहाल इस दूरभाष वार्ता को लेकर अमेरिका की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह बातचीत?

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान से जुड़े एक नए प्रतिबंध विधेयक को भारी बहुमत से पारित किया है।

इस विधेयक में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फ़ीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान रखा गया है। भारत उन देशों में शामिल है, जो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करते हैं।

हालांकि सीनेट से पारित होने के बाद भी यह प्रावधान तत्काल लागू नहीं होगा। आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भारत पर क्या पड़ सकता है असर?

यदि भविष्य में यह व्यवस्था लागू होती है और भारत भी उसके दायरे में आता है, तो इसका प्रभाव भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों और ऊर्जा आयात पर पड़ सकता है।

भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। रूस से अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिलने वाला कच्चा तेल भारत की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

ऐसी स्थिति में अतिरिक्त शुल्क लागू होने पर आयात लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन भविष्य में क्या निर्णय लेता है।

रूस से तेल खरीद पर भारत का रुख

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जाती है।

सरकार का कहना है कि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी आधार पर विभिन्न देशों से कच्चे तेल का आयात किया जाता है।

दूसरी ओर, अमेरिका के कुछ सांसद लंबे समय से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार करने वाले देशों पर दबाव बनाने की मांग करते रहे हैं।

जेडी वेंस के परिवार को दी शुभकामनाएं

दूरभाष वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके पुत्र के जन्म पर बधाई दी।

वेंस परिवार में हाल ही में चौथे बच्चे का जन्म हुआ है। प्रधानमंत्री ने पूरे परिवार के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना की।

पहले भी भारत आ चुके हैं जेडी वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति बनने के बाद जेडी वेंस ने 2025 में भारत का आधिकारिक दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।

दोनों नेताओं के बीच उस समय भी व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई थी। जेडी वेंस ने अपने भारत दौरे में दिल्ली के अलावा जयपुर और आगरा का भी भ्रमण किया था।

आगे क्या होगा?

अमेरिकी सीनेट से पारित विधेयक अभी अंतिम कानून नहीं बना है। आगे इसे आवश्यक विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति अंतिम निर्णय लेंगे।

इसी कारण भारत पर 100 फ़ीसदी शुल्क लागू होगा या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस की बातचीत को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जबकि संभावित अमेरिकी शुल्क को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।



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