ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

गाजीपुर में अपनों के बीच ही 'युद्ध': MLC विशाल सिंह चंचल के फर्जी लेटर पैड पर 4 करोड़ का घपला या वर्चस्व की सियासी रंजिश? दो खेमों में बंटी भाजपा!

by on | 2026-08-08 21:38:01

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3134


गाजीपुर में अपनों के बीच ही 'युद्ध': MLC विशाल सिंह चंचल के फर्जी लेटर पैड पर 4 करोड़ का घपला या वर्चस्व की सियासी रंजिश? दो खेमों में बंटी भाजपा!

गाजीपुर/जमानियां:

गाजीपुर की सियासत में इन दिनों जबर्दस्त भूचाल आया हुआ है। मामला किसी विपक्षी दल से नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर ही छिड़ी वर्चस्व की उस जंग का है, जिसने संगठन की नींद उड़ा दी है।

​बीजेपी MLC विशाल सिंह चंचल के नाम और कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर पैड का इस्तेमाल कर शासन से पंडित दीनदयाल योजना के तहत लाइटिंग और विकास कार्यों के लिए ₹4.08 करोड़ की धनराशि पास कराने के आरोप में जमानिया पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर FIR दर्ज हुई है। लेकिन इस मुकदमे के पीछे की कहानी सिर्फ एक लेटर पैड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार गाजीपुर भाजपा में लंबे समय से चल रही अंदरूनी गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़े हैं।

​ पुराने भाजपाइयों की आंख की किरकिरी और माफिया कनेक्शन के आरोप

​गाजीपुर के सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि जिले के पुराने और कैडर भाजपाइयों को MLC विशाल सिंह चंचल की कार्यशैली और बढ़ता कद कभी रास नहीं आया। स्थानीय स्तर पर चंचल और उनके परिवार का नाता माफिया मुख्तार अंसारी गिरोह से जोड़े जाने के आरोप भी गाहे-बगाहे उछलते रहे हैं। पुराने भाजपाइयों का मानना है कि विचारधारा की राजनीति करने वाली पार्टी में अचानक उभरे ऐसे चेहरों ने पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया है, जिससे अंदर ही अंदर असंतोष सुलग रहा था।

​ मोहम्मदाबाद से लेकर राय परिवार को 'साइडलाइन' करने की होड़

​वर्चस्व की यह होड़ हाल ही में मोहम्मदाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान भी खुलकर सामने आई थी। चर्चा है कि मंच से लेकर व्यवस्था तक विशाल सिंह चंचल अपना दबदबा कायम करने की फिराक में दिखे। यहां तक कि दिवंगत पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के परिवार यानी पूर्व विधायक अलका राय और उनके पुत्र पीयूष राय को सियासी रूप से साइडलाइन करने की कोशिशों के आरोप भी चंचल पर लगते रहे हैं। इस गुटबाजी ने जिले में भाजपा को स्पष्ट रूप से दो धड़ों में बांट दिया है।

​फर्जी लेटर पैड और ₹4 करोड़ के खेल पर एफआईआर

​विवाद की तात्कालिक वजह MLC के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप कुमार पाठक की पुलिस शिकायत बनी। आरोप है कि जून में जमानिया नगर पालिका ने चंचल का फर्जी लेटर पैड लगाकर ₹4.08 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा। शासन से पत्र आने पर मामला उजागर हुआ और नगर विकास मंत्री से लेकर DM-SP तक शिकायत के बाद जमानिया कोतवाली में चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता पर केस दर्ज कराया गया।

​ 'बिना जांच FIR कैसे?'—धरने पर चेयरमैन, संगठन भी असहज

​मुकदमा दर्ज होते ही जमानिया चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता समर्थकों के साथ रामलीला मैदान में अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि यह उनके खिलाफ रची गई गहरी सियासी साजिश है और जब तक झूठा मुकदमा वापस नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

​उधर, दो जनप्रतिनिधियों की इस जंग से भाजपा संगठन की सांसें फूली हुई हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने सवाल खड़ा किया है कि सत्ताधारी दल के पालिका अध्यक्ष पर बिना निष्पक्ष जांच के इतनी जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज कैसे हो गई? उन्होंने कहा कि संगठन दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है।

​ 2027 से पहले विपक्ष की बल्ले-बल्ले

​भाजपा के भीतर गुटबाजी और मुकदमेबाज़ी की इस जंग ने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है। विपक्ष का कहना है कि जो पार्टी 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करती है, उसी के MLC और चेयरमैन एक-दूसरे पर करोड़ों के घपले का आरोप लगा रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गाजीपुर में बंटी हुई भाजपा संगठन के लिए बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है।

बेबाक 24 नजरिया:

गाजीपुर में यह लड़ाई सिर्फ ₹4.08 करोड़ के लेटर पैड या लाइटों के टेंडर की नहीं है; यह 'पुराने बनाम नए' और 'वर्चस्व की जंग' का नतीजा है। एक तरफ मुकदमेबाजी का दौर है, तो दूसरी तरफ राय परिवार से लेकर जमानिया चेयरमैन तक को साधने या पछाड़ने का सियासी खेल। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच कागजों का सच सामने लाती है या फिर भाजपा संगठन अपने इस बिखरते कुनबे को बगावत से बचा पाता है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment