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महिला आरक्षण पर राहुल गांधी और किरेन रिजिजू आमने-सामने, परिसीमन को लेकर छिड़ी बहस

by on | 2026-08-08 15:40:07

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महिला आरक्षण पर राहुल गांधी और किरेन रिजिजू आमने-सामने, परिसीमन को लेकर छिड़ी बहस

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। विवाद उस वक्त सामने आया, जब राहुल गांधी ने भारत में महिलाओं की स्थिति को लेकर एक वीडियो साझा किया और रिजिजू ने उनकी टिप्पणी को महिला आरक्षण विधेयक से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी।

रिजिजू ने राहुल गांधी से क्या कहा?

राहुल गांधी के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को लेकर कांग्रेस नेता के रुख में बदलाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस महिला आरक्षण से जुड़े कानून का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।

रिजिजू की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने उन्हें जवाब देते हुए 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण कानून का हवाला दिया।

राहुल गांधी ने परिसीमन पर उठाया सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में कांग्रेस के समर्थन सहित संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। ऐसे में उनका सवाल है कि कानून को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की जरूरत नहीं है और 2023 में पारित कानून को बिना शर्त लागू किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब परिसीमन को लेकर केंद्र और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज है।

महिलाओं को लेकर राहुल गांधी ने वीडियो में क्या कहा?

इस विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के एक वीडियो से हुई थी। वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं की क्षमता पर कई तरह की सामाजिक पाबंदियां हैं और उन्हें अपनी बात रखने तथा अपनी प्रतिभा दिखाने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और समान भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी देश महिलाओं की क्षमता को सीमित करके आगे नहीं बढ़ सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को घर और सार्वजनिक जीवन दोनों जगह अपनी बात स्वतंत्र रूप से रखने का अवसर मिलना चाहिए।

महिला आरक्षण और परिसीमन क्यों जुड़े हैं?

महिला आरक्षण का मुद्दा संसद में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने से जुड़ा है। वहीं परिसीमन का संबंध लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाओं तथा प्रतिनिधित्व के पुनर्निर्धारण से है।

महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के लागू होने की प्रक्रिया में परिसीमन और जनगणना की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग मत हैं। इसी वजह से दोनों मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।

सोशल मीडिया पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच हुई यह बहस सोशल मीडिया के जरिए सामने आई है। दोनों नेताओं की टिप्पणियों के बाद महिला आरक्षण, परिसीमन और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

आने वाले समय में संसद और राजनीतिक दलों के बीच परिसीमन तथा महिला आरक्षण के मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है।


बेबाक24 टेक

आज राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई देता है। नेताओं के वीडियो, पोस्ट और उनके जवाब कुछ ही समय में व्यापक चर्चा का विषय बन जाते हैं। राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच महिला आरक्षण पर हुई यह बहस भी इसी डिजिटल राजनीतिक संवाद का उदाहरण है।



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