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मायावती का अखिलेश यादव पर हमला, बोलीं- ‘PDA’ में ‘P’ को पंडित करना राजनीतिक छल

by admin@bebak24.com on | 2026-08-08 11:58:21

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मायावती का अखिलेश यादव पर हमला, बोलीं- ‘PDA’ में ‘P’ को पंडित करना राजनीतिक छल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में ब्राह्मण वोट और ‘PDA’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (SP) और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि चुनावी फायदे के लिए पार्टी अपने राजनीतिक समीकरण और नारों में बदलाव कर रही है।

मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले में ‘P’ को ‘पंडित’ बताए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे सपा की कथित संकीर्ण जातिवादी राजनीति और राजनीतिक छल का उदाहरण बताया।

‘पहले पिछड़ा, अब पंडित’

मायावती ने कहा कि सपा लंबे समय से ‘PDA’ को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के सामाजिक गठजोड़ के तौर पर प्रचारित करती रही है। उनके मुताबिक, अब ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने और पार्टी की ओर से उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सपा ने ‘P’ की व्याख्या ‘पंडित’ के रूप में करना शुरू कर दिया है।

बसपा प्रमुख ने इसे सपा की चुनावी रणनीति में बदलाव बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कदम है।

मायावती ने BSP की नीति का किया जिक्र

मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति और अंबेडकरवादी विचारधारा के आधार पर राजनीति करती है।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BSP की चार सरकारें इसी व्यापक सामाजिक नीति के आधार पर चली हैं। इसके विपरीत, मायावती ने आरोप लगाया कि सपा चुनावी परिस्थितियों के अनुसार अपना राजनीतिक रुख बदलती रहती है।

‘सिर्फ व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का हित जरूरी’

मायावती ने कहा कि जातीय समीकरणों के आधार पर की जाने वाली राजनीति से किसी व्यक्ति या वर्ग को कुछ समय के लिए राजनीतिक लाभ मिल सकता है, लेकिन इससे पूरे समाज का दीर्घकालिक हित सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने सर्वसमाज के लोगों से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील की और कहा कि संकीर्ण जातीय राजनीति से सतर्क रहना जरूरी है।

यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोट पर बढ़ी चर्चा

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी राजनीति के बीच ब्राह्मण समाज को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर मायावती ने सपा पर हमला बोला है।

इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में सामाजिक समीकरणों और विभिन्न जातीय समूहों को साधने की कोशिशों पर बहस और तेज होने की संभावना है।

बेबाक24 टेक

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक गठजोड़ हमेशा से चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। ऐसे में ‘PDA’ में ‘पंडित’ की नई व्याख्या को लेकर मायावती का हमला सिर्फ शब्दों की राजनीति नहीं, बल्कि संभावित सामाजिक समीकरणों पर भी निशाना माना जा रहा है।

हालांकि, मायावती के आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। दूसरी ओर, सपा का इस मुद्दे पर क्या जवाब आता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल इतना साफ है कि चुनावी राजनीति के करीब आते ही ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वोटों को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और रणनीतिक सक्रियता बढ़ सकती है।



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