ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

चंद्रशेखर आज़ाद बोले- आरक्षण पर बयान हमें नहीं, सरकार को दें मोहन भागवत

by admin@bebak24.com on | 2026-08-07 13:39:21

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3081


चंद्रशेखर आज़ाद बोले- आरक्षण पर बयान हमें नहीं, सरकार को दें मोहन भागवत

नई दिल्ली: आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने आरक्षण और जातीय जनगणना के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर यह तय करना है कि किन समुदायों को अब आरक्षण की जरूरत नहीं है, तो सबसे पहले जातीय जनगणना कराकर उसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि आरएसएस प्रमुख को यह बात आम लोगों से कहने के बजाय केंद्र सरकार से कहनी चाहिए कि जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराई जाए और उसके आंकड़े सामने रखे जाएं।

'जातीय जनगणना के आंकड़े सामने आने चाहिए'

चंद्रशेखर आज़ाद के मुताबिक, जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक होने से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सा समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से कितना आगे बढ़ा है और किन वर्गों को अभी भी सरकारी प्रतिनिधित्व और आरक्षण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों के आधार पर ही यह तय किया जा सकता है कि किन समुदायों की हिस्सेदारी पूरी हुई है और किनकी अब भी बाकी है।

युवाओं को लेकर भी साधा निशाना

चंद्रशेखर आज़ाद ने युवाओं को लेकर भी आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की शिकायतों और असंतोष को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने 2014 में मौजूदा सरकार को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वही युवा भविष्य में सरकार को सत्ता से बाहर भी कर सकते हैं।

मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर क्या कहा?

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को जेन-ज़ी से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने हालिया जेन-ज़ी प्रदर्शनों में उठाई गई शिकायतों को जायज बताया।

आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव की स्थिति बनी रहने तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है और जिनकी स्थिति बेहतर हो गई है, उन्हें उदारता दिखाते हुए दूसरे जरूरतमंद लोगों के लिए अवसर छोड़ने पर विचार करना चाहिए।

मंडल कमीशन को लेकर प्रधानमंत्री पर सवाल

चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के साथ-साथ मंडल कमीशन की सिफारिशों के लागू होने की घोषणा की तारीख के रूप में भी याद किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने 7 अगस्त 1990 को मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा की थी। आज़ाद के अनुसार, आयोग की कुल 40 सिफारिशों में से केवल दो को लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के साथ लोगों को ‘मंडल दिवस’ की भी बधाई देंगे।

7 अगस्त को मनाया जाता है राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

हर साल 7 अगस्त को देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए हथकरघा क्षेत्र और उससे जुड़े लोगों को लेकर संदेश जारी किया।

आरक्षण, जातीय जनगणना और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर चंद्रशेखर आज़ाद और मोहन भागवत के बयानों के बाद राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

बेबाक24 टेक

आरक्षण को लेकर बहस का सबसे अहम पहलू यह है कि लाभ पाने वाले और वंचित समुदायों की वास्तविक स्थिति का आकलन किस आधार पर किया जाए। चंद्रशेखर आज़ाद जातीय जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग के जरिए इसी सवाल को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला रहे हैं।

वहीं, मोहन भागवत के बयान ने आरक्षण के लाभ को जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाने और सामाजिक स्थिति में बदलाव के बाद जिम्मेदारी पर नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले समय में जातीय जनगणना और आरक्षण की समीक्षा का मुद्दा राजनीतिक तौर पर और महत्वपूर्ण हो सकता है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment