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अमेरिकी मिसाइलों का भारी इस्तेमाल, क्या घट रहा है हथियारों का ज़ख़ीरा?

by on | 2026-07-30 19:38:33

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अमेरिकी मिसाइलों का भारी इस्तेमाल, क्या घट रहा है हथियारों का ज़ख़ीरा?

वॉशिंगटन : ईरान के साथ चले करीब 40 दिनों के सैन्य अभ्यास ('ऑपरेशन एपिक फ्यूरी') के बाद अमेरिका के हथियार और मिसाइल भंडार  को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यद्यपि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के पास किसी भी अन्य देश से अधिक गोला-बारूद है, वहीं विशेषज्ञों और पेंटागन की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्नत मिसाइलों और एयर डिफेंस सिस्टम की भारी कमी देखी जा रही है।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी': खर्च और हथियारों का पैमाना

8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम लागू होने तक अमेरिकी सेना ने ईरान में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। इस दौरान अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने 1,700 से अधिक ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को भी हवा में नष्ट किया।

  • कुल अनुमानित खर्च: लगभग 37.5 अरब डॉलर, जिसका बड़ा हिस्सा मिसाइलों और गोला-बारूद पर खर्च हुआ।

  • अतिरिक्त फंड की मांग: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट एप्रोप्रिएशंस कमेटी से पेंटागन की कमियों को दूर करने के लिए 87 अरब डॉलर के अतिरिक्त फंड की मांग की है।

प्रमुख मिसाइलों की खपत और भंडार का गणित

वाशिंगटन डीसी स्थित 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़' (CSIS) के अनुसार, अमेरिका के एडवांस हथियार भंडार को युद्ध-पूर्व स्तर पर लाने में कई सालों का समय लग सकता है।

हथियार प्रणालीउपयोग की गई अनुमानित संख्याप्रति यूनिट लागतरीस्टॉक (भरपाई) में लगने वाला संभावित समय
टॉमहॉक मिसाइल (Tomahawk)1,000+$26 लाख (~₹21.6 करोड़)वर्ष 2031 तक
पैट्रियट इंटरसेप्टर (Patriot)~1,430$40 लाख (~₹33.2 करोड़)3 से 5 वर्ष
थाड इंटरसेप्टर (THAAD)190 – 290-सीमित वैश्विक उपलब्धता

लागत का असंतुलन: CSIS के वरिष्ठ सलाहकार मार्क कैंसियन के अनुसार, $20,000 से $50,000 की लागत वाले ईरानी ड्रोन को मार गिराने के लिए $40 लाख की महंगी पैट्रियट मिसाइल का उपयोग एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक वित्तीय दबाव पैदा करता है।

वैश्विक रणनीति पर असर: इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन

हथियारों के घटते भंडार का असर वैश्विक रक्षा प्राथमिकताओं पर भी पड़ रहा है:

  • ताइवान और प्रशांत क्षेत्र: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन प्रशांत क्षेत्र में कोई सैन्य कदम उठाता है, तो अमेरिका के पास तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पर्याप्त एडवांस्ड प्रणालियों की कमी हो सकती है।

  • यूक्रेन संकट: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी भंडार में कमी से उन्हें पैट्रियट सिस्टम की आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ रहा है।

बेबाक24 टेक

यद्यपि अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को पुनर्जीवित करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन एक मिसाइल के निर्माण में 1 से 5 साल का समय लगता है। हालांकि, ईरान के अपने सैन्य व औद्योगिक ढांचे को पहुंचे भारी नुकसान के कारण तत्काल अमेरिका के लिए संकट की स्थिति नहीं है, परंतु दीर्घकालिक रूप से प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए पेंटागन को अपने भंडार का त्वरित पुनर्मूल्यांकन करना होगा।



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