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जंतर-मंतर पर 'जेन ज़ी' आंदोलन का असर बीजेपी के भीतर तक; सांसद और पूर्व विधायकों की बेटियों ने किया CJP का समर्थन

by admin@bebak24.com on | 2026-07-30 17:19:15

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जंतर-मंतर पर 'जेन ज़ी' आंदोलन का असर बीजेपी के भीतर तक; सांसद और पूर्व विधायकों की बेटियों ने किया CJP का समर्थन

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधलियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर चले 'जेन ज़ी'  के 37 दिनों के व्यापक आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों की गूंज अब भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शीर्ष नेताओं के घरों तक पहुंच गई है।

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पुलिस की सख्ती के बाद न केवल बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने नाराजगी जताई, बल्कि एनडीए और बीजेपी नेताओं की बेटियों ने भी खुले तौर पर छात्रों और युवाओं के इस आंदोलन का समर्थन किया है।

एनडीए नेताओं की बेटियां क्यों आईं सीजेपी के समर्थन में?

विरोध में उतरीं ये सभी युवतियां 'जेन ज़ी' पीढ़ी से ताल्लुक रखती हैं। उनका मानना है कि युवाओं के भविष्य, परीक्षा पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होना राजनीतिक निष्ठा से बढ़कर है।

प्रमुख बयानों और विवादों की पूरी पड़ताल

दिबीसा महंता (असम के कैबिनेट मंत्री केशव महंता की बेटी):

  • गुवाहाटी में प्रदर्शन और नारेबाजी: ब्रिटेन से दो पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्रियां पूरी करने वाली दिबीसा ने गुवाहाटी में CJP के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सोशल मीडिया पर वे पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के खिलाफ बोलती नजर आईं।

  • असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का रुख: इस मामले पर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वयस्क बच्चों के विचारों के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा— "मेरे बच्चे भी मेरी कई बातों से सहमत नहीं होते। उसने जो कहा वह गलत था, लेकिन इसके लिए उसके पिता को क्यों परेशान किया जाए?"

अर्चिता सचिन राहर (ओडिशा से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी):

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर इंस्टाग्राम स्टोरी: भुवनेश्वर से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर ने इंस्टाग्राम पर तिरंगे के साथ एक पोस्ट शेयर की, जिसे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाने के तौर पर देखा गया।

  • पार्टी के भीतर खींचतान: ओडिशा के स्थानीय बीजेपी नेताओं द्वारा नाराजगी जताने और पोस्ट हटाने का दबाव बनाने के बाद अर्चिता ने एक और स्पष्ट पोस्ट लिखा कि वे अपनी बात पर कायम हैं; हालांकि बाद में उनकी मां सांसद अपराजिता सारंगी ने इसे 'अनजाने में हुई गलती' बताते हुए स्टोरी हटवा दी।

यशस्विनी राजे सिंह (यूपी बीजेपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी):

  • अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर दोटूक राय: फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) से बीजेपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने अल जजीरा से बात करते हुए कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कोई पूर्ण समाधान नहीं है क्योंकि इसमें जवाबदेही और पछतावा गायब है।

  • राजनीतिक दूरी पर सफाई: अपने पिता के बीजेपी में होने और अपनी अलग विचारधारा पर यशस्विनी ने कहा— "मैं अपने दम पर अकेली रहती हूँ और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हूँ। मैं उस माहौल से खुद को पूरी तरह दूर रखती हूँ, इसीलिए बिना किसी पाखंड के अपनी आवाज उठा पाती हूँ।"

मुरली मनोहर जोशी ने भी उठाए थे पुलिस कार्रवाई पर सवाल

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में देश के शिक्षा मंत्री रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर पुलिस की सख्ती की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने कहा था— "मुझे यह देखकर अत्यंत पीड़ा हुई है कि महिलाओं पर निर्मम बल प्रयोग किया गया।"

बेबाक24 टेक

20 जून से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन सोशल मीडिया के जरिए एक बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका है। युवाओं का यह असंतोष दलीय सीमाओं से परे चला गया है, जहां नेताओं के परिवार के युवा सदस्य भी किसी राजनीतिक दबाव के बिना अपनी ही सरकारों की नीतियों और परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर रहे हैं।



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