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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में 'साइबर डाका': चंदौली पुलिस और साइबर सेल ने दबोचा अंतरराज्यीय ठग, 21 एटीएम कार्ड बरामद

by on | 2026-07-30 19:30:50

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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में 'साइबर डाका': चंदौली पुलिस और साइबर सेल ने दबोचा अंतरराज्यीय ठग, 21 एटीएम कार्ड बरामद

चंदौली। डिजिटल दुनिया में रातों-रात पैसा दोगुना करने और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कमाई का सपना दिखाने वाले शातिर साइबर ठगों के नेटवर्क पर चंदौली पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर एक अंतरराज्यीय साइबर ठग को धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपी देशभर में फैले साइबर स्लेवरी और 'म्यूल' बैंक खातों के सिंडिकेट का सक्रिय मोहरा है।

​पुलिस ने उसके पास से 21 विभिन्न बैंकों के डेबिट/एटीएम कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 4 स्मार्ट फोन, कूटरचित आधार कार्ड और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।

एटीएम के पास मंडरा रहा था शिकार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेरा

​पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों पर थानाध्यक्ष मुगलसराय विजय प्रताप सिंह और साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग की टीम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में संदिग्धों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से पक्की खबर मिली कि डीआरएम कार्यालय मार्ग के पास एक युवक लगातार अलग-अलग एटीएम कार्ड बदलकर कैश निकालने की फिराक में है।

​सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाकर संदेहास्पद अवस्था में खड़े युवक को दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना नाम अंकित कुमार (पुत्र जशवंत सिंह), निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जिला औरंगाबाद (बिहार) बताया।

तलाशी में निकला 'साइबर ठगी का खजाना'

​जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से फर्जीवाड़े का पूरा जखीरा बरामद हुआ:

  • 21 डेबिट/एटीएम कार्ड (अलग-अलग बैंकों के)
  • 2 बैंक पासबुक
  • 4 मोबाइल फोन (डिजिटल साक्ष्यों से भरे)
  • 1 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड
  • 4 खाली सिम पैकेट व 1 चालू वोडाफोन सिम
  • 1200 रुपये नकद

NCRP पोर्टल पर खुली पोल: 8 राज्यों से जुड़े हैं तार

​पुलिस ने जब आरोपी के पास मिले बैंक खातों की जांच 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (NCRP) पर की, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। इन खातों के जरिए महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा में दर्जनों लोगों को चूना लगाया जा चुका है। पोर्टल पर इन खातों से जुड़ी 10 गंभीर साइबर शिकायतें दर्ज पाई गईं।

मोबाइल में मिला ठगी की ट्रेनिंग का वीडियो

​आरोपी के मोबाइल की फोरेंसिक जांच में चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं। मोबाइल से 6 सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप, 2 ऑनलाइन गेमिंग ऐप और लेन-देन का ब्योरा मिला है।

​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी के फोन से एक ऐसा वीडियो मिला है, जिसमें वह अपने साथियों को यह सिखाता दिख रहा है कि ठगी की रकम को 'म्यूल' (किराए/फर्जी) खातों में घुमाकर एटीएम से सुरक्षित तरीके से कैसे निकाला जाए ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।

ठगी का 'गेम प्लान': मुनाफा दोगुना करने का लालच

​पूछताछ में आरोपी अंकित ने कबूला कि वह और उसका फरार साथी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को कम समय में बड़ा मुनाफा और पैसा दोगुना करने का झांसा देते थे। झांसे में आए पीड़ितों से रकम फर्जी नामों पर खरीदे गए म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद आरोपी अलग-अलग शहरों के एटीएम से कैश निकालकर आपस में बांट लेते थे। पुलिस की पहचान से बचने के लिए आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करता था।

मुकदमा दर्ज, दूसरे साथी की तलाश तेज

​मामले में थाना मुगलसराय में मु0अ0सं0 380/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 339 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। गिरोह के दूसरे मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

कार्रवाई करने वाली जांबाज टीम:

थानाध्यक्ष मुगलसराय विजय प्रताप सिंह, प्रभारी साइबर सेल मिर्जा रिजवान बेग, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक सुरेश चन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल दिनेश यादव



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