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भाग्य की रेखा भी बदल देते हैं देवाधिदेव महादेव: पं. प्रदीप मिश्रा

by on | 2026-06-14 16:26:30

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भाग्य की रेखा भी बदल देते हैं देवाधिदेव महादेव: पं. प्रदीप मिश्रा


बलिया के बांसडीह में शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन उमड़ा जनसैलाब, राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियों ने टेका मत्था

विशेष संवाददाता,

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बांसडीह (फुलवरिया) में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा के छठे दिन देश के प्रख्यात कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सनातन धर्म, मानव जीवन और देवाधिदेव महादेव की महिमा का अत्यंत मार्मिक विश्लेषण प्रस्तुत किया। रविवार को कथा पंडाल में उमड़े अपार जनसैलाब को संबोधित करते हुए उन्होंने मानव योनी की दुर्लभता और महादेव के प्रति पूर्ण समर्पण के महत्व को रेखांकित किया।

​कथा के मुख्य प्रसंगों और इस धार्मिक महाकुंभ की विस्तृत रिपोर्ट:

​"एक लोटा जल, हर समस्या का हल"

​पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद यह मानव चोला मिलता है। संसार की अन्य योनियों में सब कुछ सुलभ हो सकता है, परंतु महादेव को एक लोटा जल अर्पित करने का सौभाग्य और विवेक केवल मनुष्य को ही प्राप्त है।

पंडित प्रदीप मिश्रा का मुख्य उपदेश:

"जब कोई भक्त अपने घर से एक लोटा शुद्ध जल लेकर भोलेनाथ के दरबार की ओर कदम बढ़ाता है, तो उस जल में उसके घर की समस्त समस्याएं, क्लेश और चिंताएं समाहित हो जाती हैं। जैसे ही वह जल शिवलिंग पर समर्पित होता है, अंतर्यामी बाबा महाकाल उस भक्त की हर पीड़ा को स्वतः जान जाते हैं और वहीं से समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होने लगता है।"

​उन्होंने आगे जोड़ा कि महादेव किसी छप्पन भोग के भूखे नहीं हैं, वे केवल सच्चे भाव के भूखे हैं। जो भक्त जैसी निष्कपट भावना लेकर उनके द्वार पर आता है, बाबा उसे वैसा ही फल प्रदान करते हैं। 'काशी वाले' (भोलेनाथ) औघड़दानी हैं, जिन्होंने अपने भक्तों पर हमेशा कृपा की है और उनके भंडारे खाली नहीं रहने दिए।

​विधाता का लेख बदलने में समर्थ हैं शिव

​सृष्टि की रचना का उल्लेख करते हुए कथा वाचक ने कहा कि स्वयं ब्रह्मा जी ने इस सत्य को स्वीकार किया है कि विधाता द्वारा लिखे गए भाग्य के लेख को, यदि कोई पूरी सृष्टि में बदल सकता है, तो वे केवल देवाधिदेव महादेव हैं। महादेव की शरणागति काल के चक्र को भी मोड़ने की क्षमता रखती है।

​वीवीआईपी और राजनेताओं का लगा तांता

​बांसडीह में हो रहे इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों की शीर्ष हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बाबा के दरबार में शीश नवाने और पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लेने पहुंचे मुख्य दिग्गजों में शामिल रहे:

हरिवंश नारायण सिंह: माननीय उपसभापति, राज्यसभा


दयाशंकर मिश्रा 'दयालु': माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश सरकार


दयाशंकर सिंह: माननीय परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार


नारद राय: पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश


मनोज पांडेय: वरिष्ठ राजनेता व विधायक


​सभी विशिष्ट अतिथियों ने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख, समृद्धि तथा शांति की कामना की।

​भक्ति के सागर में डूबा बांसडीह

​कथा के दौरान पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं' के जयकारों से गुंजायमान रहा। दूर-दराज से आए लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी। बलिया का बांसडीह क्षेत्र इस समय पूरी तरह शिवमय और आध्यात्मिक रंग में सराबोर नजर आ रहा है।



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