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PM मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया रवाना: G-7 में लेंगे हिस्सा, ट्रंप-मैक्रों से मुलाकात

by admin@bebak24.com on | 2026-06-13 21:22:28

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PM मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया रवाना: G-7 में लेंगे हिस्सा, ट्रंप-मैक्रों से मुलाकात

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (13 जून) को फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। केंद्र में लगातार 4,399 दिन पूरे कर इतिहास रचने के ठीक बाद पीएम मोदी का यह पहला विदेश दौरा है, जिसे वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

क्या है पीएम मोदी का पूरा शेड्यूल? (13 से 19 जून)

विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, प्रधानमंत्री का यह दौरा तीन चरणों में विभाजित है:

पहला चरण: फ्रांस (नीस) — 13-14 जून

  • यात्रा की शुरुआत फ्रांस के नीस (Nice) शहर से होगी। यहाँ भारत और फ्रांस मिलकर 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष' मना रहे हैं।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' (Bharat Innovates) कार्यक्रम का आगाज करेंगे, जो दोनों देशों के स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को एक मंच पर लाएगा।

  • 14 जून को दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता होगी।

दूसरा चरण: स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा — 14-16 जून

  • अपने स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर पीएम मोदी स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।

  • 33 साल में पहली बार: वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली स्लोवाकिया यात्रा है।

  • इस दौरान व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। पीएम मोदी वहाँ के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे।

तीसरा चरण: G-7 शिखर सम्मेलन (एवियां और पेरिस) — 16-19 जून

  • 16-17 जून को पीएम मोदी फ्रांस के एवियां में आयोजित होने वाले जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहाँ वे वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बनकर उभरेंगे।

  • ट्रंप से मुलाकात: व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि करीब 16 महीने बाद फ्रांस में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होगी।

  • 18 जून को वे पेरिस जाएंगे, जहां यूरोप के सबसे बड़े टेक इवेंट 'विवाटेक शिखर सम्मेलन' (Vivatech) में शामिल होंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।

रक्षा और तकनीक साझेदारी पर रहेगा मुख्य फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्थान करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा:

"अगले कुछ दिनों में, मैं फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा। मेरा मुख्य उद्देश्य आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा संबंधों को मजबूत करना होगा। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वार्ता में हम भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे।"

सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों (जैसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र) में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है। ऐसे में फ्रांस के साथ नई रक्षा डील और अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के हस्तांतरण पर इस बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है।

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यह विदेश दौरा घरेलू राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित करने के बाद पीएम मोदी की वैश्विक स्तर पर बड़ी कूटनीतिक बिसात है। स्लोवाकिया जैसी उभरती यूरोपीय अर्थव्यवस्था की पहली ऐतिहासिक यात्रा करके भारत मध्य-यूरोप में अपने पैर पसार रहा है, जो ऑटोमोबाइल और रेलवे सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

वहीं, फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली यह त्रिकोणीय मुलाकात वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) की नई दिशा तय करेगी। यह दौरा साफ संदेश देता है कि दुनिया की मौजूदा चुनौतियों (आर्थिक और रणनीतिक) के समाधान में भारत अब केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य नीति-निर्धारक की भूमिका में आ चुका है।



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